facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

भारत में Apple के आपूर्तिकर्ता नेटवर्क में हो रहा विस्तार, कर्नाटक का एक्वस ग्रुप भी हुआ शामिल

भारत पहले ही iPhone के लिए Apple का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। साथ ही वह इसके तीन सबसे बड़े खरीदार देशों में से एक है।

Last Updated- October 28, 2024 | 6:39 AM IST
apple

अनुबंध के आधार पर विनिर्माण करने वाला कर्नाटक का एक्वस ग्रुप भी ऐपल के तंत्र में शामिल हो रहा है। लिहाजा, भारत में इस वैश्विक दिग्गज के आपूर्तिकर्ता के नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनी द ट्रेड विजन (टीटीवी) के रविवार को अपटेड किए किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत पहले ही आईफोन के लिए ऐपल का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। साथ ही वह इसके तीन सबसे बड़े खरीदार देशों में से एक है।

फिलहाल भारत में एक्वस समेत ऐपल के 15 आपूर्तिकर्ता हैं। इनमें से 11 दक्षिण भारत में हैं। खबरों से पता चलता है कि 14 और चीनी आपूर्तिकर्ता मंजूरी के विभिन्न चरणों में हैं और घरेलू साझेदारों की तलाश कर रहे हैं जिससे भारत में ऐपल के आपूर्ति तंत्र में और इजाफा हो सकता है।

टीटीवी के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में आईफोन के शीर्ष तीन आपूर्तिकर्ता चीन, वियतनाम और भारत हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि नए भागीदारों के जुड़ने से भारत ऐपल के गैजेट्स की समूची आपूर्तिकर्ता सूची में शीर्ष तीन में स्थान बना लेगा और थाईलैंड को पीछे छोड़ देगा जिसके पास 2024 तक 24 आपूर्तिकर्ता होने का अनुमान है।

दिलचस्प यह है कि अमेरिका-चीन के प्रौद्योगिकी संघर्ष के बीच आपूर्ति श्रृंखला दक्षिण पूर्व एशिया में स्थानांतरित होने के बावजूद ऐपल के चीन के साथ संबंध लगातार गहरे होते जा रहे हैं। चीन में कंपनी का आपूर्तिकर्ता नेटवर्क पिछले साल बढ़कर 52 हो गया जो साल 2022 में 48 था। इसके बाद वियतनाम का स्थान है जहां यह संख्या 35 है। ऐपल के वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं की सबसे हालिया सूची में 187 कंपनियां शामिल हैं।

पिछले सप्ताह खबरों से संकेत मिला था कि ऐपल ने मैकबुक कंप्यूटर और ऐपल वॉच के लिए अपने दूसरे देसी आपूर्तिकर्ता एक्वस को परीक्षण के आधार पर शामिल किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने जब एक्वस से संपर्क किया उसके अधिकारी ने टिप्पणी से इनकार कर दिया।

मार्केट अनुसंधान कंपनी कन्वर्जेंस कैटालिस्ट के सह-संस्थापक जयंत कोला ने कहा, ‘देसी कंपनियों को अपना कौशल बढ़ाने के अलावा धैर्य और गहन निवेश के लिए प्रतिबद्ध होने की जरूरत है। ऐपल जैसी कंपनी के साथ काम करने के लिए उनके पास बहु-वर्षीय रणनीति होनी चाहिए। टाटा जैसी बड़ी कंपनियों को छोड़कर भारतीय कंपनियां दीर्घकालिक, गहन निवेश के लिए नहीं जानी जाती हैं।’

भारत में कंपनी के मौजूदा आपूर्तिकर्ताओं में तमिलनाडु की 7 कंपनियां – टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लेक्स, होन हाई प्रिसिजन (फॉक्सकॉन), ग्वांगडोंग लिंगी आईटेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, ओएन सेमीकंडक्टर कॉर्पोरेशन, पेगाट्रॉन कॉर्पोरेशन, ताइवान सरफेस माउंटिंग टेक्नोलॉजी और जेन डिंग टेक्नोलॉजी होल्डिंग शामिल हैं।

शेष आपूर्तिकर्ताओं में से तीन कर्नाटक (विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन, एक्वस, शेनझेन यूटो पैकेजिंग टेक्नोलॉजी) और एक-एक आपूर्तिकर्ता आंध्र प्रदेश (चेंग उई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी), महाराष्ट्र (जाबिल) और उत्तर प्रदेश (सनवोडा इलेक्ट्रॉनिक) में हैं।

First Published - October 28, 2024 | 6:39 AM IST

संबंधित पोस्ट