facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया में जंग से दहला दलाल स्ट्रीट: सेंसेक्स 1048 अंक टूटा, निवेशकों के ₹6.6 लाख करोड़ डूबेभारतीय चाय पर ईरान संकट का साया: भुगतान अटके और शिपमेंट पर लगी रोक, निर्यातकों की बढ़ी चिंताकपड़ा उद्योग पर युद्ध की मार: पश्चिम एशिया के ऑर्डर अटके, तिरुपुर और सूरत के निर्यातकों की बढ़ी चिंताहोर्मुज संकट के बीच भारत ने खोला अपना ‘प्लान बी’: अमेरिका और अफ्रीका से कच्चा तेल मंगाने की तैयारीखाड़ी देशों में फंसे भारतीय विमानों की घर वापसी शुरू, 357 उड़ानें रद्द होने के बाद शुरू हुआ परिचालनपश्चिम एशिया में जंग के बीच PM मोदी ने इजरायल और खाड़ी देशों के नेताओं से की बातसुनील भारती मित्तल को ‘GSMA लाइफटाइम अचीवमेंट’ सम्मान, बार्सिलोना में वैश्विक दिग्गजों ने सराहाएयर इंडिया एक्सप्रेस में होगा नेतृत्व परिवर्तन: MD का पद छोड़ेंगे आलोक सिंह, कार्यकाल 19 मार्च को खत्म36 महारत्न व नवरत्न कंपनियों में न्यूनतम स्वतंत्र निदेशक नहीं, कॉरपोरेट गवर्नेंस में बड़ी खामियांकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा: 8 समझौतों पर हस्ताक्षर, CEPA को जल्द अंतिम रूप देने पर बनी सहमति

बढ़ेगा ऐपल पीसी का बाजार !

Advertisement

विश्लेषकों ने वर्ष 2023 में भारतीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ने का जताया अनुमान

Last Updated- April 11, 2023 | 10:51 PM IST
Apple PC
Creative Commons license

कैलेंडर वर्ष 23 की पहली तिमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर ऐपल का पीसी निर्यात 40 प्रतिशत तक की लुढ़का है। यह उस गिरावट को भी दर्शाता है, जो पीसी खंड में हाल के दिनों में देखी गई है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि भारत में ऐपल पीसी की कहानी अभी शुरू हुई है और इसमें भारतीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता है।

ऐपल भारत में कैलेंडर वर्ष 22 की चौथी तिमाही के दौरान पहली बार शीर्ष पांच पीसी कंपनियों में शामिल हुआ। बिजनेस स्टैंडर्ड ने जिस विश्लेषक से बात की, उन्होंने कहा कि हालांकि कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली तिमाही में ऐपल की खेप में गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन फर्म इस साल के अंत तक अपनी बाजार हिस्सेदारी को मौजूदा पांचवें स्थान से बढ़ाकर चौथे स्थान पर ला सकती है। भारत में पीसी (पर्सनल कंप्यूटर, जिनमें लैपटॉप और डेस्कटॉप शामिल हैं) खंड में ऐपल की मौजूदगी का झुकाव मैकबुक की ओर है।

भारतीय पीसी बाजार में ऐपल की मौजूदगी प्रति तिमाही औसतन 30,000 से 50,000 के आयात के साथ हमेशा काफी कम रही है। आईडीसी इंडिया के पीसी अनुभाग के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक बी शेनॉय ने कहा कि पिछली छह से सात तिमाही में विशेष रूप से कोविड के दौरान भारतीय बाजार में ऐपल काफी आक्रामक रही। मैकबुक का आयात बढ़कर प्रति तिमाही 1,50,000 होने से ऐसा हुआ।

आईडीसी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 तक ऐपल के पीसी आयात का औसत प्रति तिमाही लगभग 30,000 से 50,000 रहा। त्योहारी सीजन की बिक्री के दौरान यानी पिछले साल जुलाई से अक्टूबर तक ऐपल का पीसी आयात पहली बार 3,00,000 तक पहुंच गया।

शेनॉय ने कहा कि निश्चित रूप से दिसंबर तिमाही में यह 1,50,000 से कुछ कम हुआ है। हमें लगता है भले ही पहली तिमाही में स्टॉक निर्माण के कारण कुछ नरमी देखी जा सकती है, लेकिन आगे चलकर हम दूसरी और तीसरी तिमाही में मजबूती देख रहे हैं, जो संपूर्ण पीसी बाजार के लिए भी देखी जा रही है।

विश्लेषकों और उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में ऐपल के आक्रामक होने और अब इसके समर्पित स्टोर खोले जाने का मतलब यह होगा कि कंपनी की नजर पीसी बाजार में बड़ी हिस्सेदारी पर है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसंधान निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि हमारा अनुमान है कि आगे चलकर ऐपल भारत में अपने स्मार्टफोन खंड जैसी राह पर चलेगी। हालांकि भारत स्मार्टफोन-फर्स्ट वाला देश है, लेकिन हम इसके पीसी खंड के लिए स्थिर विकास मार्ग की उम्मीद कर रहे हैं।

एक पीसी फर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में ऐपल की वाणिज्यिक खंड में कभी कोई उपस्थिति नहीं थी। उनका खरीदार वर्ग बहुत विशिष्ट है, लेकिन यह धीरे-धीरे बदल रहा है।

Advertisement
First Published - April 11, 2023 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement