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योगी सरकार का किसानों के लिए बड़ा फैसला, गन्ना मूल्य 30 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया

प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि इससे किसानों को 3000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भुगतान होगा।

Last Updated- October 29, 2025 | 7:43 PM IST
Sugarcane

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य बढ़ाया है। गन्ने की अगैती व समान्य दोनो प्रजाति के लिए कीमतें 30 रूपये प्रति कुंतल बढ़ा दी गयी हैं। पिछले पेराई सत्र में उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा था जबकि लोकसभा चुनाव से पहले 2023-24 सत्र में कीमतें 20 रूपये प्रति कुंतल तक बढ़ायी गयी थीं। बीते कुछ दिनों से पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान गन्ना मूल्य बढ़ाने के लिए आंदोलनरत थे।

प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बुधवार को कीमतों में बढ़ोत्तरी का एलान करते हुए बताया कि इससे किसानों को 3000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भुगतान होगा। उन्होंने कहा कि अब अगैती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है। वर्ष 2017 से लेकर अब तक के योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है।

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों को अब तक ₹2,90,225 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो वर्ष 2007 से 2017 के बीच सपा और बसपा सरकारों में किसानों को कुल मात्र ₹1,47,346 करोड़ का भुगतान हुआ था। इस प्रकार सरकार ने मात्र साढ़े आठ वर्षों में पिछली सरकारों के मुकाबले ₹1,42,879 करोड़ अधिक भुगतान कर नया इतिहास रचा है।

गन्ना मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में जहां 21 मिलें औने-पौने दामों पर बेची गई थीं, वहीं सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और निवेशोन्मुख नीतियों से इस उद्योग में ₹12,000 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है। पिछले आठ वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, 6 बंद मिलें पुनः शुरू की गईं और 42 मिलों की उत्पादन क्षमता में विस्तार हुआ। इससे प्रदेश में 8 नई बड़ी मिलों के बराबर उत्पादन क्षमता में वृद्धि दर्ज हुई है। साथ ही, 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को भी बल मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। इस प्रणाली को भारत सरकार ने ‘मॉडल सिस्टम’ घोषित किया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है।

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है और आसवनियों की संख्या 61 से बढ़कर 97 हो गई है। गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर आ गया है।

First Published - October 29, 2025 | 7:43 PM IST

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