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देश के तेल-तिलहन बाजार में अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट दर्ज की गई

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मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है। पैसों की तंगी की वजह से आयात लागत से कम दाम पर बिकवाली किये जाने से सोयाबीन तेल के दाम में गिरावट है।

Last Updated- February 13, 2025 | 8:20 PM IST
pulses production in Uttar Pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर

मांग बढ़ने के बीच बिनौला खल के दाम में सुधार आने से बृहस्पतिवार को देश के तेल-तिलहन बाजार में अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट दर्ज की गई जबकि सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम गिरावट पर बंद हुए। भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा बिनौला सीड का दाम 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने के बाद मूंगफली खल के दाम में भी सुधार आने के बीच मूंगफली तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए और मूंगफली तेल के भाव अपरिवर्तित रहे। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 15 प्रतिशत हाजिर दाम नीचा होने के बीच सोयाबीन तिलहन के भाव भी अपरिवर्तित रहे। मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है।

बाजार सूत्रों के अनुसार नए फसल की आवक के बीच मांग होने के बावजूद सरसों तेल-तिलहन गिरावट पर बंद हुए। फिलहाल सरसों सबसे सस्ता तेल है और लोगों के बीच इसकी मांग भी है। उन्होंने कहा कि हाजिर दाम एमएसपी से कम यानी लगभग 15 प्रतिशत नीचे होने की वजह से सोयाबीन तिलहन की कीमतें यथावत हैं। वहीं पैसों की तंगी की वजह से आयात लागत से कम दाम पर बिकवाली किये जाने से सोयाबीन तेल के दाम में गिरावट है।

सूत्रों ने कहा कि बिनौला खल की मांग बढ़ने के बीच मूंगफली खल के दाम में भी सुधार आया और मूंगफली तिलहन का दाम मजबूत हो गया। जबकि निर्यात की कमजोर मांग होने के कारण मूंगफली तेल के भाव अपरिवर्तित रहे। मलेशिया में गिरावट रहने तथा ऊंचे भाव पर कम आयात के बावजूद माल नहीं खपने की दिक्कतों के कारण सीपीओ और पामोलीन के दाम में भी गिरावट दर्ज हुई।

सूत्रों ने कहा कि मांग बढ़ने के बीच बिनौला खल के दाम में सुधार आने से बिनौला तेल के दाम कमजोर बंद हुए। बिनौले में 90 प्रतिशत खल निकलता है। उन्होंने कहा कि कपास नरमा के दाम भी सुधरे हैं और अब तक किसान लगभग 70 प्रतिशत ऊपज बाजार में ला चुके हैं। अगली फसल आने में अभी पांच-छह महीने की देर है इसलिए सीसीआई को बिनौला सीड की बिक्री संभलकर ही करनी चाहिए।

तेल-तिलहनों के भाव:

सरसों तिलहन – 6,075-6,175 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली – 5,375-5,700 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,150 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,150-2,450 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 2,275-2,375 रुपये प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 2,275-2,400 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन एक्स- कांडला- 13,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना – 4,250-4,300 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज- 3,950-4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

 

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First Published - February 13, 2025 | 8:20 PM IST

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