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सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई में कमी आई

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थोक महंगाई में सुस्ती प्रमुख तौर पर प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में गिरावट (-3.32 प्रतिशत) और ईंधन व बिजली खंड में जारी अपस्फीति के रुझान के कारण हुई

Last Updated- October 14, 2025 | 11:55 PM IST
India WPI Inflation

भारत के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई सितंबर में गिरकर 0.13 प्रतिशत हो गई। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार थोक महंगाई अगस्त में चार महीने के उच्च स्तर 0.52 प्रतिशत पर थी। भारत में थोक मूल्य महंगाई को थोक मूल्य सूचकांक के रूप में मापा जाता है।

थोक महंगाई में सुस्ती प्रमुख तौर पर प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में गिरावट (-3.32 प्रतिशत) और ईंधन व बिजली खंड में जारी अपस्फीति के रुझान के कारण हुई। थोक महंगाई में उस समय सुस्ती आई है जब एक दिन पहले भारत की खुदरा महंगाई सितंबर में 99 महीने के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई थी।

खुदरा महंगाई में गिरावट अनुकूल आधार प्रभाव और खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण आई थी। सितंबर में प्राथमिक खाद्य पदार्थों में अपस्फीति और बढ़कर -5.22 प्रतिशत हो गई। इसका कारण सब्जियों (-24.41 प्रतिशत), दालों (-17.19 प्रतिशत), आलू (-42.24 प्रतिशत) और प्याज (-63.79 प्रतिशत) की कीमतों में भारी गिरावट थी। हालांकि दूध और अंडे, मांस और मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति सितंबर में पिछले महीने की तुलना में बढ़ गई।

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First Published - October 14, 2025 | 11:48 PM IST

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