facebookmetapixel
Advertisement
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देश

Chana Price: भंडारण सीमा का खास असर नहीं, महंगा हो सकता है चना

Advertisement

Chana Price: 21 जून को भंडारण सीमा लगने के बाद चना के भाव गिरे थे। लेकिन अब मांग बढ़ने से सुधरे भाव।

Last Updated- July 01, 2024 | 5:02 PM IST
Chana import duty

Chana Price: केंद्र सरकार ने पिछले महीने चना की कीमतों में आ रही तेजी को नियंत्रित करने के लिए इस पर भंडारण सीमा लगाई थी। लेकिन इस सीमा का चना की कीमतों पर खास असर नहीं पड़ा। सीमा लगने के दो-तीन दिन दाम गिरने के बाद अब फिर से बढ़ने लगे हैं। जानकारों के मुताबिक आगे चना की कीमतों में तेजी आ सकती है।

भंडारण सीमा का क्या हुआ चना की कीमतों पर असर?

केंद्र सरकार ने 21 जून को चना पर भंडारण सीमा लगाने का घोषणा की थी और इस दिन दिल्ली में चना की कीमत 7,150 रुपये प्रति क्विंटल थी। इस सीमा लगने के बाद अगले 3 दिनों तक चने के भाव सुस्ती के साथ कारोबार करते हुए 25 जून को 6,975 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए। लेकिन इसके बाद चना की कीमतों में गिरावट थमकर तेजी आने लगी। दिल्ली में आज चना की कीमत 7,050 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। इस तरह गिरावट के बाद चना के भाव करीब 75 रुपये क्विंटल सुधर चुके हैं।

कमोडिटी विश्लेषक इंद्रजीत पॉल ने कहा कि भंडारण सीमा लगने से पहले भी चना के भाव घटे थे और इस सीमा के बाद थोड़े और घट गए। लेकिन चना की कम आपूर्ति होने के कारण इसके भाव में अब सुधार देखने को मिल रहा है।

Also read: Commercial LPG: गैस सिलेंडर की कीमत 30 रुपये घटाई गई! देखें नए रेट

जिंसों की आवक के आंकड़े रखने वाली एजेंसी एगमार्कनेट के अनुसार मई महीने में करीब 3.43 लाख टन चने की आवक हुई हुई थी, जबकि जून महीने में यह गिरकर करीब 1.47 लाख टन रह गई।

India Pulses and Grains Association (IPGA) के मुताबिक भी भंडारण सीमा के बाद चना के भाव में गिरावट के बाद अब निचले भाव पर मिलों की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है।

आगे क्या रह सकते हैं चना के भाव?

IPGA की रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे पूरे देश में बारिश होने के बाद बेसन की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में मिलों की ओर से चने की खरीद भी बढ़ेगी। जिससे आने वाले दिनों में चना की कीमतों में तेजी की संभावना है। हालांकि सस्ती और नई पीली मटर के आयात की संभावना से चना की कीमतों में इजाफा सीमित ही होगा।

पॉल ने कहा कि चना का उत्पादन कम होने से आगे भी इसकी आपूर्ति कमजोर ही रहने वाली है, जबकि मौसम ठंडा होने से बेसन की खपत बढ़ने से इसकी मांग बढ़ने वाली है। ऐसे में चना की कीमतों में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

Advertisement
First Published - July 1, 2024 | 5:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement