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भारतीय काली मिर्च उद्योग का आने वाला समय बेहतर

Last Updated- December 09, 2022 | 7:51 PM IST

जनवरी मध्य से फरवरी मध्य तक का समय काली मिर्च के अंतरराष्ट्रीय कारोबार विशेषकर भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है।


काली मिर्च के सबसे बड़े उत्पादक वियतनाम में चीनी नववर्ष के उपलक्ष्य में बाजार 15 दिनों के लिए बंद रहेगा। बंदी के बाद बाजार 22 जनवरी से खुलेगा। ऐसे में उत्तरी अमेरिकी और यूरोपीय देशों की ओर से होने वाली लिवाली से भारतीय काली मिर्च बाजार को काफी उम्मीदें हैं।

वियतनाम से मिल रही रिपोर्टों में कहा गया है कि उसका काली मिर्च का भंडार इस समय 17-20 हजार टन के आसपास है, जबकि त्योहार के चलते अगले दो हफ्ते तक देश के सारे निर्यात संस्थान बंद रहेंगे। ऐसे में भारत महीने भर तक काली मिर्च के अंतरराष्ट्रीय कारोबार का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

भारत के मुताबिक, नववर्ष की छुट्टियों के बाद अमेरिका के कई आयातकों की ओर से एमजी-1 काली मिर्च की मांग हुई है। लेकिन कीमतें अधिक होने से इसका निर्यात नहीं हो सका। वैसे मंदी की मार के चलते यूरोप इस समय मूकदर्शक बना हुआ है, क्योंकि मसाले की मांग यहां काफी घट गई है।

इस समय भारतीय निर्यातकों ने एमजी-1 काली मिर्च की कीमत 2,550 डॉलर प्रति टन रखी है, जबकि अमेरिकी खरीदार इतनी कीमत देने को तैयार नहीं हैं।

अनुमान है कि बाजार में थोड़ी नरमी आएगी। तब 2,450-2,475 डॉलर प्रति टन के आसपास उम्मीद है कि अमेरिकी आयातक एक बार फिर भारत के बाजार का रुख करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत धारणा बनकर उभर रही है कि मंदी की वजह से 2009 में काली मिर्च की कीमतों में अब और कमी नहीं होगी। उधर विदेशी खरीदारों की इच्छा है कि इस साल काली मिर्च की कीमतें 2,300 डॉलर प्रति टन के आसपास रहे।

वैसे उत्पादन घटने और मांग बढ़ने से अनुमान है कि इस साल आपूर्ति और मांग का अंतर बढ़ेगा। काली मिर्च का उत्पादन वियतनाम छोड़ सभी देशों में घटा है और इसका कैरी फॉरवर्ड स्टॉक भी न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर तक चला गया है। इस वजह से काली मिर्च उद्योग पर मंदी का साया बहुत गहराने के आसर नहीं हैं।

वियतनाम जो भारतीय बाजार के रुख का अनुसरण कर रहा है, में काली मिर्च की एएसटीए किस्म की कीमत 2,500 डॉलर प्रति टन, जीएल किस्म की 2,125 डॉलर और 550 जीएल किस्म की 2,275 डॉलर आंकी गई। कम भंडार और नई फसल आने में हो रही देर से वियतनाम में काली मिर्च के भाव ऊंचे बने हुए हैं।

अनुमान है कि वियतनाम में इस सीजन में 1 से 1.5 लाख टन काली मिर्च का उत्पादन होगा। पिछले साल लगभग इतनी की काली मिर्च पैदा हुई थी। सरकार की ओर से देश के कृषि बाजार को दी गई आर्थिक सहायता के कारण छुट्टियों के बाद वियतनाम का बाजार लोगों की उत्सुकता का केंद्र बनेगा।

मालूम हो कि वियतनाम सरकार ने कृषि बाजार के लिए 6 अरब डॉलर का राहत पैकेज घोषित किया है। कृषि जिंस के निर्यात के्रडिट के लिए ब्याज की दर 18 से घटाकर 9 फीसदी कर दी गई है। इन कदमों से वहां के कृषि निर्यात विशेषकर काली मिर्च निर्यात पर सकारात्मक असर दिखने की उम्मीद है।

First Published - January 7, 2009 | 10:01 PM IST

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