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Budget 2025: क्या है क्रेडिट स्कोर, जिसका फायदा ग्रामीण भारत में रहने वाले 10 करोड़ लोगों को मिलेगा?

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वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्य रूप से ग्रामीण भारत में रहने वाले 10 करोड़ लोगों को उनके प्रदर्शन के आधार पर क्रेडिट स्कोर मिलेगा।

Last Updated- February 02, 2025 | 7:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते शनिवार को वित्त वर्ष बजट 2025-26 का बजट पेश किया। अपने बजट में वित्त मंत्री ने एक शानदार प्रस्ताव दिया गया है कि मुख्य रूप से ग्रामीण भारत में रहने वाले 10 करोड़ लोग, जो स्वयं सहायता समूह (SHGs) से जुड़ें हैं, उन्हें उनके प्रदर्शन के आधार पर क्रेडिट स्कोर मिलेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में एक पैरे में यह कहा गया, “लोक क्षेत्र के बैंक ‘ग्रामीण क्रेडिट स्कोर’ ढांचा विकसित करेंगे, जो SHG के सदस्य और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की क्रेडिट जरूरतों को पूरा करेगा।”

एक सरकारी अधिकारी ने इसे इस प्रकार समझाया: प्रत्येक बैंक ने पाया है कि SHGs का लोन चुकाने का रिकॉर्ड बेहतरीन है, जिसमें लगभग 100 प्रतिशत की वापसी दर है। हालांकि, ये बेहतरीन आंकड़े व्यक्तिगत सदस्य द्वारा बैंकों से लोन लेने के लिए मौजूदा नियमों के तहत उपयोग नहीं किए जा सकते थे। अब, बैंकिंग नियमों में बदलाव किया जाएगा ताकि क्रेडिट की उपलब्धता में बढ़ोतरी हो सके।

यह विचार इस वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नियुक्त किए गए दो विशेषज्ञ समूहों के माध्यम से विकसित किया गया था, जिनका उद्देश्य बैंकों से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खुदरा क्रेडिट को बढ़ावा देना था, जबकि बुरे लोन के जोखिम को कम करना था।

यह चौंकाने वाला बजट प्रस्ताव उनके द्वारा की गई सिफारिशों पर आधारित था। इसका मतलब है कि अब बैंक SHG के क्रेडिट स्कोर का उपयोग करके इसके सदस्यों के लिए एक व्यक्तिगत क्रेडिट स्कोर, जिसे ग्रामीण क्रेडिट स्कोर कहा जाएगा, प्रदान कर सकते हैं। जबकि माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं इस तरह के कुछ संस्करणों का उपयोग करती हैं, अब तक बैंक इसे नहीं कर पा रहे थे।

अब, जब कोई सदस्य एक ऐसे SHG का हिस्सा है, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन है, तो वह अपने कुमुलेटिव क्रेडिट स्कोर का उपयोग करके बैंकों से व्यक्तिगत लोन के लिए आवेदन कर सकता है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले ही गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के साथ मिलकर SARAS कलेक्शन विकसित करने के लिए कदम उठा चुका है, ताकि SHG उत्पादों को मार्केट किया जा सके। इसके अलावा, फ्लिपकार्ट, अमेजन, और मीशो के साथ समझौते किए गए हैं, ताकि SHG उत्पादक, जैसे कि कारीगर, बुनकर और शिल्पकार, राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच सकें। मंत्रालय का अनुमान है कि लगभग 99.8 मिलियन महिला परिवारों को 90.39 लाख SHGs में शामिल किया गया है।

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First Published - February 2, 2025 | 7:31 PM IST

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