facebookmetapixel
Advertisement
प​. एशिया संकट पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, PM मोदी ने ट्रंप से फोन पर की बातचीतखेती में बड़ा बदलाव: फसलों से आगे निकला पशुपालन और बागवानी, दूध बना देश की सबसे बड़ी ‘कैश क्रॉप’JP एसोसिएट्स केस में अदाणी को राहत: NCLAT ने ₹14,543 करोड़ की समाधान योजना को दी मंजूरीवजन घटाने वाली दवाओं पर सरकार की सख्ती, बिना डॉक्टर की पर्ची के बिक्री पर लगेगा भारी जुर्मानामारुति का गुजरात में मेगा प्लान: खोरज में ₹10,189 करोड़ का निवेश, 2029 तक तैयार होगा नया प्लांटरिलायंस ने ईरान से खरीदा 50 लाख बैरल कच्चा तेल, 2019 के बाद पहला बड़ा सौदागैस संकट का स्मार्ट समाधान: हंगरबॉक्स ने इलेक्ट्रिक कुकिंग में किया ₹3.5 करोड़ का बड़ा निवेशMSME पर युद्ध की मार: CII ने सरकार से मांगी इमरजेंसी राहत, कच्चे माल की आपूर्ति पर संकटशेयर बाजार में लौटी रौनक: ट्रंप के बयान से सेंसेक्स 1372 अंक उछला, निवेशकों की जेब में आए ₹7.6 लाख करोड़हेल्थकेयर सेक्टर में होने वाला है बड़ा धमाका, Manipal Hospitals ला रहा है 1 अरब डॉलर का मेगा IPO

लेखक : विजय केलकर

आज का अखबार, लेख

जीएसटी का मूल सिद्धांत फेल, अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट सिस्टम नहीं हो सरल

अप्रत्यक्ष कराधान व्यवस्था अगर त्रुटिपूर्ण हो तो यह आर्थिक वृद्धि की राह में एक बड़ा रोड़ा बन जाता है। हम इस प्रणाली को दुरुस्त करने के शुरुआती प्रयासों का भी हिस्सा थे जब मूल्य वर्द्धित कर (वैट) की तरफ कदम बढ़ाया गया था जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्थापित अप्रत्यक्ष कर धारणा थी। वैट को […]

आज का अखबार, लेख

बेहतर जीएसटी की ओर: नए सुधार अहम, लेकिन और कदम जरूरी

देश के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर बहस तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक चार बिंदुओं वाली आलोचना में कहा है: मौजूदा व्यवस्था बहुत अधिक जटिल है और इसकी वजह कई दरों का होना है, यह एमएसएमई को हतोत्साहित कर रही है, राजकोषीय संघवाद को क्षति पहुंचा रही है […]

आज का अखबार, लेख

नीट जैसी समस्याओं की गहरी हो पड़ताल

देश में नीट को लेकर मचे हो हल्ले के बीच ध्यान देने वाली बात यह है कि हमें सिर्फ तात्कालिक लक्षणों का समाधान नहीं करना चाहिए। बता रहे हैं अजय शाह और विजय केलकर राष्ट्रीय अर्हता सह पात्रता परीक्षा (NEET) के संचालन में नाकामी ने काफी नाराजगी पैदा की है। यह सोचना संभव है कि […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: देश में ऊर्जा बदलाव की गति में तेजी

विकासशील देशों को अगर विशुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना है तो कम कार्बन उत्सर्जन वाले तरीके ही बेहतर रणनीति माने जाएंगे। बता रहे हैं विजय केलकर और राहुल पई पाणंदीकर भविष्य में ऊर्जा को लेकर बनने वाले किसी भी परिदृश्य में भारत प्राथमिक ऊर्जा खासकर तेल एवं गैस का विशुद्ध आयातक बना रहेगा। […]

Advertisement
Advertisement