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निवेशकों की ऊंची यील्ड की मांग के आगे झुका नाबार्ड, 7,000 करोड़ रुपये का बॉन्ड इश्यू लिया वापसडीजल की महंगाई से ट्रांसपोर्टर्स बेहाल, माल ढुलाई दरों में बढ़ोतरी की तैयारी; ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असरब्रिटेन के नए स्टील नियमों से अटका भारत का मेगा व्यापार सौदा, FTA लागू होने में हो सकती है देरीरिकॉर्ड तोड़ रफ्तार: पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अप्रैल में भारत का निर्यात 13.8% उछलाबर्जर पेंट्स के शेयरों में 11% का जोरदार उछाल, चौथी तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म गदगदNSE के मेगा IPO से पहले ब्रोकरों ने घटाई हिस्सेदारी, ऑल-टाइम लो पर पहुंचा मालिकाना हकईंधन के दाम बढ़ते ही ई-कॉमर्स और राइड-हेलिंग कंपनियों की बढ़ी टेंशन, महंगी हो सकती है डिलीवरी!क्या पेट्रोल-डीजल कारों की होगी छुट्टी? टाटा मोटर्स ने बताया क्यों तेजी से किफायती हो रहे हैं EVभारत और UAE के बीच 6 ऐतिहासिक समझौते; अबू धाबी में PM मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फैसलापश्चिम एशिया संकट का असर: चार साल में पहली बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, CNG भी हुई महंगी

लेखक : सुवीन सिन्हा

आज का अखबार, उद्योग, कंपनियां

ONDC जल्द ही हर ट्रांजैक्शन पर लगा सकता है यूजर चार्ज, CEO ने बताया प्लान

सरकार की तरफ से विकसित ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) चालू वित्त वर्ष 2024-25 में यूजर चार्ड लगाना शुरू कर सकता है। हालांकि, शुल्क कितना लगाया जाएगा, इसको लेकर अभी कुछ निर्णय नहीं लिया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक, यह शुल्क कम होगा और प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर लगाए जाने की […]

आज का अखबार, लेख

देश के स्टार्टअप क्षेत्र में प्रेरणादायक शख्सियतों की खलती कमी

वर्ष 2015 के ‘बिजनेस इनसाइडर’ के एक लेख के मुताबिक एडविन लैंड से मिलना स्टीव जॉब्स के लिए किसी तीर्थस्थल पर जाने जैसा ही था। लैंड ने वर्ष 1937 में पोलरॉयड कॉरपोरेशन की स्थापना की थी और उन्होंने इंस्टैंट फोटोग्राफी की शुरुआत की थी। वह अपने दौर के स्टीव जॉब्स ही थे। उन्होंने कॉलेज की […]

आज का अखबार, लेख

अनदेखी: कैसा रहने वाला है इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य?

द इकॉनमिस्ट पत्रिका जो स्वयं को एक समाचार पत्र कहती है, वह एक पुराना और प्रतिष्ठित संस्थान है। कहा जाता है कि उसे सफल लोग पढ़ते हैं जबकि कम सफल लोग, मिसाल के तौर पर आपके इस स्तंभकार जैसे लोग उसे कभी-कभार पढ़ते हैं। एक बार ऐसे ही उसे पढ़ते हुए द इकॉनमिस्ट वेबसाइट की […]

आज का अखबार, लेख

तकनीक क्षेत्र में समलैंगिक नेतृत्व सामान्य बात

अमेरिका की ऑनलाइन मीडिया कंपनी और ब्लॉग नेटवर्क, गॉकर मीडिया वर्ष 2016 में अमेरिका के एक सेवानिवृत्त पेशेवर पहलवान टेरी जीन बोलिया के खिलाफ एक मुकदमा हारने के बाद दिवालियेपन के कगार पर पहुंच गई। टेरी जीन बोलिया को इस अखबार के पाठक शायद ही पहचानेंगे क्योंकि वह अपने रिंग नाम हल्क होगन के नाम […]

आज का अखबार, लेख

अनदेखी: उद्यमशीलता के एक अनूठे अध्याय की स्मृति

गुजरे साल के नवंबर महीने में मशहूर उद्यमी पी आर एस ओबेरॉय का निधन हो गया जिनका ताल्लुक शिमला के क्लार्क्स होटल से है। इस होटल के नाम में ओबेरॉय नहीं जुड़ा है लेकिन इस होटल का संबंध ओबेरॉय के शुरुआती सफर से है। वर्ष1920 के दशक में इस होटल का नाम सेसिल था (अब […]

आज का अखबार, लेख

OpenAI में सैम अल्टमन की वापसी की कहानी

अगर आपके भीतर इतनी ऊर्जा नहीं बची है कि आप स्टीव जॉब्स को ऐपल से निकाले जाने की कहानी एक बार और सुन सकें तो आप सही जगह पर हैं। हम नहीं मानते हैं कि उस घटना में और सैम अल्टमन को ओपनएआई से निकाले जाने तथा उनकी वापसी की घटना में कुछ भी साझा […]

आज का अखबार, लेख

अनदेखी: वेंचर कैपिटल या अपने बूते करें कारोबार ?

ऐसे अवसर रहे हैं जब मुझे विफलता का मुंह देखना पड़ा है। इनमें एक डिजिटल समाचार मीडिया स्टार्टअप में मेरा अनुभव अब भी कहीं न कहीं मस्तिष्क के किसी कोने में घूमता रहता है। यह लगभग आठ वर्ष पूर्व की बात है जब ‘फंडिंग विंटर’ मुहावरे का इस्तेमाल भी शुरू नहीं हुआ था। निवेशक भारतीय […]

आज का अखबार, लेख

बेटियों के लिए उत्तराधिकार की राह अब आसान

कई वर्ष पहले मैंने एक दफा मुकेश अंबानी का साक्षात्कार किया था और उस दौरान हंसी-मजाक करने की मेरी सारी कोशिश धरी की धरी रह गई। अंबानी इस साक्षात्कार के लिए पूरी तैयारी के साथ आए और उन्हें यह पता था कि वह क्या बोलने वाले हैं और अंततः वह अपने एजेंडे पर कायम भी […]

आज का अखबार, लेख

अनदेखी: बीएनकैप से हल नहीं होने वाली ये दिक्कतें

स्वीडन की वाहन निर्माता कंपनी वोल्वो के इंजीनियर निल्स बोलिन ने सन 1959 में आधुनिक तीन प्वाइंट वाली सीटबेल्ट विकसित की थी। उन्होंने इसे पेटेंट कराया था लेकिन वोल्वो ने आम जन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जनहित में सभी वाहनों के लिए इसका डिजाइन सुलभ करा दिया। परंतु शायद बोलिन ने खुद […]

आज का अखबार, लेख

अनदेखी: इतने मर्दाना क्यों हैं जकरबर्ग और मस्क?

जकरबर्ग (Mark zuckerberg) या जैसा कि उनके करीबी दायरे के लोग उन्हें पुकारते हैं- जक, मझोली बुनावट और पीली रंगत वाले एक शख्स हैं जिनके छोटे-घुंघराले और भूरे बाल तथा नीली आंखें हैं। वह बमुश्किल पांच फुट आठ इंच के हैं लेकिन वह इससे लंबे दिखाई देते हैं क्योंकि वह हमेशा अपने सीने को उभारकर […]

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