facebookmetapixel
Advertisement
Q4 Results Today: BEL, BPCL, Mankind Pharma समेत 120 कंपनियां आज जारी करेंगी नतीजेGold, Silver Price Today: सोने की कीमत में उछाल, चांदी के भाव पड़े नरम; चेक करें आज का भावUS-Iran War: ईरान पर हमला टला! ट्रंप का बड़ा फैसला, गल्फ देशों की अपील के बाद रोकी स्ट्राइक योजनाGCC कंपनियों की डिमांड से REIT सेक्टर में नई जान, ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकईरान बातचीत की उम्मीद से फिसला कच्चा तेल, WTI 102 डॉलर के करीब तो Brent 110 डॉलर से नीचे आयाStock Picks for Today: TVS Motor और Indus Tower में दिख रहा कमाई का मौका? ₹3,925 रुपये तक के टारगेटStock Market Update: शेयर बाजार में तेजी! सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,700 के पार; ऑयल-गैस में तेजीPower Sector में अभी और आएगी तेजी? मोतीलाल ओसवाल ने 2 स्टॉक्स पर दिए ₹640 तक के टारगेटPetrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 90 पैसे/लीटर का इजाफा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दामStocks To Watch Today: बाजार खुलते ही दौड़ सकते हैं ये शेयर! Eicher से Adani तक जानिए किस कंपनी के शेयर पर रखें नजर

लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, लेख

इंदिरा का इंडिया और मोदी का भारत: दो राजनैतिक दौरों की तुलनात्मक पड़ताल

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के पद पर लगातार सबसे लंबी अवधि तक बने रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं। यह जानने का प्रयास करते हैं कि चार अहम मामलों में वह इंदिरा गांधी के साथ तुलना में कैसे नजर आते हैं? जून 2024 में जिस दिन नरेंद्र मोदी ने तीसरा कार्यकाल हासिल किया, यह उसी […]

आज का अखबार, लेख

ट्रम्प कूटनीति के रंग: दिखावटी, शोरगुल भरी और अमेरिका की सर्वोच्चता पर केंद्रित

अमेरिका को फिर से महान बनाने के नाम पर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दुनिया के उन हिस्सों में अमेरिका विरोध को नए सिरे से जन्म दे रहे हैं जहां वह सुषुप्तावस्था में पहुंच गया था। अब तक उनका तरीका यही रहा है,  सहयोगियों का सार्वजनिक रूप से मखौल उड़ाना और विरोधियों के साथ पींगें बढ़ाना। भारत […]

आज का अखबार, लेख

भागवत का ताजा बयान और मोदी के कदम का अनुमान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख यानी सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि 75 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद नेताओं को सेवानिवृत्त होने और युवा सहयोगियों के लिए स्थान बनाने के बारे में सोचना चाहिए। उनके इस बयान को इस तरह नहीं देखा जाना चाहिए कि उन्होंने कुछ गलत या अजीब कह दिया […]

आज का अखबार, लेख

कच्छ जंग के उदाहरण में छिपी भविष्य की आहट

यह सही है कि केवल भारत ही ऑपरेशन सिंदूर को अधूरा काम बता रहा है लेकिन दोनों देश इसे केवल एक झलक के रूप में देख रहे हैं या फिर अगले दौर की तैयारी के रूप में। कोई भी इसे अंतिम नतीजे तक पहुंची लड़ाई नहीं मान रहा है। उपमहाद्वीप का इतिहास बताता है कि […]

आज का अखबार, लेख

जोहरान ममदानी पर गर्व कर सकते हैं, लेकिन उनका ‘समाजवाद’ भारत में असफल रहा है

जोहरान ममदानी का विश्वास, गजा के लिए उनका समर्थन और मोदी तथा नेतन्याहू को लेकर उनकी नापसंदगी ऐसी वजह हैं जिनके चलते भारत में कई लोग उनके उभार से नाखुश हैं और इसे एक और ‘भारतीय’ की कामयाबी के रूप में नहीं देखते। जोहरान ममदानी केवल न्यूयॉर्क शहर या अमेरिकी राजनीति में ही नहीं बल्कि […]

आज का अखबार, लेख

पाकिस्तान के साथ खुद को जोड़ने के खतरे और ‘3D’ समाधान

चीन और पाकिस्तान के बीच एक मजबूत रणनीतिक गठबंधन है। भारत को दोनों से अलग-अलग निपटना चाहिए लेकिन उस स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए कि कहीं दोनों मिलकर उसके विरुद्ध साजिश न कर बैठें। विगत तीन दशकों में स्वयं को पाकिस्तान से अलग रख कर प्रस्तुत करना हमारी व्यापक रणनीति का केंद्रीय बिंदु रहा […]

आज का अखबार, लेख

भारत को पुराने नजरियों से देखना और पाकिस्तान से तुलना अनुचित

अगर भारत को सहयोगी मानने वाली इकलौती महाशक्ति भी इस क्षेत्र को भारत-पाकिस्तान को आमने-सामने रखकर एक चश्मे से देखती है तो यह स्वीकार्य नहीं है। यह बात भारत के प्रभाव को बढ़ाने के बजाय उसे कम करती है। किसी खोटे सिक्के की तरह एच शब्द एक बार फिर हमारे साथ जुड़ गया है। एच […]

आज का अखबार, लेख

दो मुश्किल मोर्चे और शतरंज की चाल

इतिहास हर जंग को एक नाम देता है। सरकार के हिसाब से लड़ाई बीच में रुकी जरूर थी मगर कुल मिलाकर 87 घंटे तक चलती रही। तो क्या आने वाली पीढ़ियां इसे केवल 87 घंटे की जंग कहेंगी? किंतु मेरी राय में इसे एक नाम तो दिया ही जाए, जिसका हैशटैग चलाया जा सके। हमने […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: पाकिस्तानी सेना प्रमुख और पांचवें सितारे का बोझ

अपने सीने पर सजे पांच सितारों के साथ पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष आखिर ऐसा क्या कर सकते हैं जो वह चार सितारों के साथ नहीं कर सके? एक पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल बनकर आखिर ऐसा क्या कर सकता है जो वह केवल जनरल के रूप में नहीं कर सका? यह कहना लुभावना हो सकता है कि […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: एन शब्द, सॉफ्ट पावर और कठोर सचाई

नहीं, हम यहां ‘एन’ का प्रयोग न्यूक्लियर या परमाणु हथियारों के लिए नहीं कर रहे हैं। हम ऐसे सरल उदाहरणों का इस्तेमाल नहीं करते। यही वजह है कि इस आलेख में हमने ‘एन’ का इस्तेमाल नैरेटिव या आख्यान निर्माण के लिए किया है। यह एक अभिव्यक्ति इतनी घिसी-पिटी है कि मैंने इसे लगातार न्यूजरूम में […]

1 3 4 5 6 7 17
Advertisement
Advertisement