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लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

ट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार

मेरे मन का एक हिस्सा यह कहना चाहता है: ‘धन्यवाद डॉनल्ड ट्रंप कि आपने भारत के साथ व्यापार समझौते को ठंडे बस्ते में डाले रखा।’ इसकी वजह यह है कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता तो हमें वे आर्थिक सुधार नहीं देखने को मिलते जो 1991 के बाद से नहीं हो सके थे। उदाहरण […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता है

समाचार पत्रिका इंडिया टुडे 50 वर्ष की हो गई है। पत्रिका ने मुझसे 1985 से 1995 के दशक पर लिखने को कहा। यही वह समय था जब मैं वहां काम करता था। उसका परिणाम इस लेख के रूप में सामने आया। एक युवा और उभरते गणराज्य में यकीनन विभिन्न दशकों के बीच इस बात की […]

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इस्लाम, सैन्य शक्ति और लोकतंत्र पर पुनर्विचार: वर्ष के इस आखिरी स्तंभ में गलती की स्वीकारोक्ति

कोई स्तंभकार खुद से हुई असहमतियों को कहां स्वीकार करे? या ऐसे विचार पर कहां पुनर्विचार करे जो समय की परीक्षा में विफल रहा हो, गलत साबित हुआ हो। यह इस वर्ष ‘राष्ट्र की बात’ स्तंभ का अंतिम आलेख है और ऐसा करने का अच्छा मौका है। क्या मैं हर वर्ष के आखिर में ऐसा […]

आज का अखबार, लेख

‘धुरंधर’ से बॉलीवुड में नई पीढ़ी की सॉफ्ट पावर का आगमन

यह मान लेना सही नहीं होगा कि इस आलेख को पढ़ने वाले हर व्यक्ति ने आदित्य धर की फिल्म धुरंधर और सिद्धार्थ आनंद की 2023 में आई फिल्म पठान, दोनों को देखा होगा। दूसरी फिल्म शायद हिंदी की अभी तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म है। पहली फिल्म भी तेजी से उस दिशा […]

आज का अखबार, लेख

इंडिगो का ‘असली’ अपराध क्या? अक्षमता ने कैसे सरकार को वापसी का मौका दिया

यह पूरी तरह अक्षमता और संवेदनहीनता का मामला है। यह इतनी बुरी बात है कि अगर पुराने सरकारी इंडियन एयरलाइंस और एयर इंडिया का दौर होता तो कुछ लोगों की कुर्सियां चली जातीं। आर्थिक सुधारों के बाद भारत में बने शायद सबसे बड़े वैश्विक ब्रांड यानी इंडिगो से जुड़े हालिया घटनाक्रम को देखें तो तीन […]

आज का अखबार, लेख

असफल मार्शल सिद्धांत: पाकिस्तान की सबसे ‘रचनात्मक’ सैन्य तानाशाही

बीसवीं सदी के बाद से दुनिया ने कई वर्दी वाले तानाशाह देखे हैं। लेकिन किसी भी देश के सैन्य शासन में उतना नवाचार नहीं दिखा जितनी कि पाकिस्तान में नजर आया। ताजा मामला उस अधिसूचना से जुड़ा है जिसके जरिये पाकिस्तानी सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) को पांच साल की नियुक्ति प्रदान […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

टेस्ट में भारत की गिरती बादशाहत: भारतीय क्रिकेट में रेंगने की चर्चा का दौर

हिंदी टीवी समाचार चैनलों पर जिस तरह की कल्पनाशील और रंगीन सुर्खियां जारी की जाती हैं, उसे देखते हुए मुझे आश्चर्य हो रहा है कि अब तक किसी ने दक्षिण अफ्रीका द्वारा भारत को हराए जाने को ‘बौने का बदला’ नहीं कहा। मानव विकास के इस चरण में, बौना शब्द का प्रयोग भी बेहद अनुचित […]

आज का अखबार, लेख

तेजस हादसा देश के लिए आत्मावलोकन का अवसर

दुबई एयर शो में तेजस विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना और विमान चालक की मौत स्तब्ध कर देने वाला क्षण था। भारतीय वायु सेना बहुत मजबूत, गौरवशाली और पेशवर है। वह इस झटके को सहन कर जाएगी। भारत के नीति निर्माताओं के लिए जरूर यह उपयुक्त समय है, जब उन्हें यह तय करना होगा कि क्या […]

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अगर कांग्रेस भाजपा से आगे निकलना चाहती है तो उसे पहले थोड़ी विनम्रता दिखानी होगी

करीब 18 महीने पहले लोक सभा चुनाव में लड़खड़ाने के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार विधान सभा चुनावों में जीत ने नरेंद्र मोदी के अनुयाइयों को यह यकीन दिला दिया है कि उनकी अपराजेयता वापस आ गई है और भारत की राजनीति एक बार फिर एक नेता व दल पर केंद्रित हो गई […]

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NDA की जीत में पासवान, मांझी गठबंधन ने बढ़ाई वोट हिस्सेदारी: 10 बिंदुओं में बिहार चुनाव नतीजों के निष्कर्ष

आइए देखते हैं कि बिहार चुनाव नतीजों से कौन से 10 संदेश निकलते हैं। पहला संदेश तो यही है कि यह जीत चाहे जितनी बड़ी और एकतरफा नजर आ रही हो लेकिन वोट बैंक अभी भी बरकरार हैं। जैसे-जैसे मुकाबले सीधे होते जा रहे हैं, फिर चाहे वे दो दलों के बीच हों या गठबंधन […]

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