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लेखक : प्रसेनजित दत्ता

आज का अखबार, ताजा खबरें, भारत, लेख

सरकार को विकास दर में तेजी और नागरिकों के जीवन स्तर के बीच संतुलन बनाए रखना होगा

पिछले कुछ हफ्तों के दौरान दिल्ली और देश के अन्य महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण ने भारतीय नीति निर्माताओं को एक ऐसे विषय का सामना करने के लिए विवश कर दिया है जिसकी वे अक्सर अनदेखी करते रहे हैं। वह विषय है कुल उत्सर्जन पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत न कि केवल अर्थव्यवस्था की […]

आज का अखबार, लेख

विकसित भारत को स्वच्छ प्रणाली की आवश्यकता: विकास भ्रष्टाचार से लड़ने पर निर्भर करता है

भारत के लगभग हर कोने से भ्रष्टाचार की कहानियां मुख्यधारा की मीडिया और सोशल मीडिया दोनों में नियमित रूप से सामने आती हैं। ऐसे ही कुछ उदाहरणों पर गौर करें: सार्वजनिक क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी के एक सेवानिवृत्त मुख्य वित्तीय अधिकारी की 34 वर्षीय बेटी का ब्रेन हैमरेज हुआ जिसके बाद उसका निधन हो […]

आज का अखबार, लेख

एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ोतरी: वैश्विक प्रतिभाओं को देश में लाने की तैयारी नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जब यह घोषणा की कि एच-1बी वीजा के ताजा आवेदन की फीस बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर कर दी गई है तब कई भारतीय विशेषज्ञों ने यह दावा किया कि देश को इस कदम से बड़ा फायदा मिलेगा। दरअसल ट्रंप ने यह कदम अमेरिका के स्थानीय लोगों के रोजगार को सुरक्षित […]

आज का अखबार, लेख

देश में अव्वल मगर दुनिया के आगे फिसड्डी: क्यों नहीं उभर पाईं भारत से ग्लोबल कंपनियां?

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क विश्व व्यापार संगठन के वैश्विक व्यापार सिद्धांतों का पालन नहीं करते हैं। मगर इन शुल्कों के बाद भारत में यह बहस भी छिड़ गई है कि देश वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी बने रहने के लिए क्या कदम उठा सकता है। औद्योगिक संगठनों, कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों और वरिष्ठ […]

आज का अखबार, लेख

भारत की आर्थिक कमजोरियां उजागर, अहम क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता से बढ़ा खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के गुस्से और भारत से आने वाले सभी सामान पर 25 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने के फैसले ने एक बार फिर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद हमारी आर्थिक कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हालांकि, ट्रंप के टैरिफ विवादों ने दो अन्य खतरों से ध्यान […]

आज का अखबार, लेख

दृष्टिकोण नहीं, समाधान जरूरी: बड़ी समस्याओं की अनदेखी कर रहा भारत

भारत को 2047 तक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति और विकसित राष्ट्र बनने के लिए क्या करना होगा? सभी लोगों की तरह मैंने भी यही कहा है कि भारत को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लंबे अरसे तक 7.5 फीसदी से अधिक बल्कि 8 फीसदी से अधिक (वास्तविक जीडीपी, नॉमिनल नहीं) दर से वृद्धि दर्ज करनी होगी। […]

आज का अखबार, लेख

भारत के समक्ष दुर्लभ खनिजों की चुनौती

भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियां चीन द्वारा दुर्लभ खनिज मैग्नेट पर लगाई पाबंदियों का दंश महसूस करने लगी हैं। ये मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटर वाहन एवं अन्य वाहन पुर्जों के लिए काफी महत्त्वपूर्ण होती हैं। चीन ने 4 अप्रैल को मैग्नेट के निर्यात पर पाबंदी लगा दी थी और समाचार पत्रों की खबरों के अनुसार भारतीय […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका बनाम चीनः भारत का अधिक दांव वाला व्यापारिक सफर

कई टिप्पणीकारों ने इस बात को तवज्जो दी है कि अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से भारत के विनिर्माण क्षेत्र को फायदा हो सकता है। लेकिन इस पर कम चर्चा होती है कि इस अवसर का लाभ हासिल करने के लिए भारतीय नीति निर्माताओं को बेहद चुनौतीपूर्ण राह तय करनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका और चीन […]

आज का अखबार, लेख

विनिर्माण क्षेत्र में ताकत झोंकने का समय

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ‘मुक्ति दिवस’ (लिबरेशन डे) के नाम पर 2 अप्रैल को जिन शुल्कों का ऐलान किया है वे भारत, कनाडा, ब्राजील, मेक्सिको और चीन जैसे बड़े देशों और बाकी दुनिया में कितनी उथल-पुथल मचा सकते हैं? इसका पता तुरंत नहीं चलेगा और शुल्कों का असर शायद साल भर बाद ही […]

आज का अखबार, लेख

खनिज की बिसात पर भारत पीछे

खनिज एवं अन्य संसाधन खोजने की ललक ही 16वीं शताब्दी से यूरोपीय उपनिवेशवाद के प्रसार की बड़ी वजह रही थी। सोना, हीरा और दूसरे कीमती संसाधनों की खोज में यूरोप के ताकतवर देशों ने दुनिया का चप्पा-चप्पा छान मारा और बाद में एशिया, अफ्रीका तथा लैटिन अमेरिका के कई देशों पर राज करने लगे। उत्तर […]

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