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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

BS Editorial: अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में जल्द पूरी हो सेबी की जांच

अब यह भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) पर निर्भर करता है कि वह एक वर्ष से चले आ रहे अदाणी-हिंडनबर्ग मामले का समापन करे। देश के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय के एक पीठ ने बुधवार को एक निर्णय में कहा कि इस मामले की जांच को सेबी से […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: बढ़ता तापमान

नया वर्ष भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के लिए एक गंभीर पुनरावलोकन लेकर आया: सन 1901 के बाद 2023 आधिकारिक रूप से सबसे गर्म वर्ष रहा। आईएमडी के मुताबिक जमीन का वार्षिक औसत सतह तापमान दीर्घकालिक औसत से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा और 0.71 डिग्री का वार्षिक माध्य भी गर्म रहा। अनियंत्रित मौसम एक दूसरी […]

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Editorial: कठिन संतुलन

सोलहवें वित्त आयोग के लिए सरकार की योजनाएं आकार ले रही हैं और इनमें कुछ चौंकाने वाली बातें शामिल हैं। सरकार ने यह घोषणा की है कि सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरविंद पानगडि़या (वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और नीति आयोग के गठन के तत्काल बाद उसके उपाध्यक्ष रह चुके हैं) इस आयोग की कमान संभालेंगे। […]

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Editorial: गति को बनाए रखने की चुनौती

साल 2023 शुरुआती अनुमान से बेहतर आर्थिक नतीजे लेकर आया। उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में ऊंची महंगाई, खासकर अमेरिका में, इस साल की शुरुआत में सबसे बड़ी चिंताओं में से एक थी। करीब दो अंकों की मुद्रास्फीति को काबू करने के लिए जो मौद्रिक नीति कार्रवाई की जाती, उससे इस बात की आशंका थी कि भौतिक रूप […]

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Editorial: चौथाई सदी बाद

पिछले सप्ताहांत की चौथाई सदी वाली बात पर आगे बढ़ते हुए लंबी अवधि के लिए जताए गए उन पूर्वानुमानों पर नजर डालना सही रहेगा, जिनकी बात इस शताब्दी की शुरुआत में दुनिया कर रही थी। गोल्डमैन सैक्स की विख्यात (कुछ लोग इसे कुख्यात भी कहेंगे) भविष्यवाणी थी कि चार उभरती ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाएं (ब्राजील, रूस, भारत […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: NBFC फंडिंग की निगरानी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस हफ्ते ‘भारत में बैंकिंग की रुझान एवं प्रगति रिपोर्ट 2022-23’ जारी की जिसमें सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह निकल कर आई है कि देश का बैंकिंग क्षेत्र पिछले एक दशक के किसी भी समय की तुलना में सबसे बेहतर स्थिति में है। बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) यानी कुल […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: FDI के लिए और कदम जरूरी

जापान की चार कार निर्माता कंपनियों का अगले पांच वर्षों में थाईलैंड में यूटिलिटी वाहनों सहित इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 4.3 अरब डॉलर तक का निवेश करने का इरादा है। थाईलैंड दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) का दूसरा सबसे बड़ा देश है और जापान के साथ उसके […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: अमीर देशों में कामगारों की मांग

विकसित देशों में श्रमिकों की भारी कमी के बीच खेती, निर्माण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने के वास्ते भारतीय कामगारों को विदेश भेजने के लिए विकसित देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते करने का भारत सरकार का इरादा है। बिज़नेस स्टैंडर्ड में मंगलवार को छपी खबर में भी बताया गया कि यूनान ने भारत […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: प्रभावित होतीं आर्थिक संभावनाएं

हाल के दिनों में, खासतौर पर कोविड-19 महामारी के बाद से असमानता के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हो रही है। अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों की आम राय यह है कि महामारी के बाद दिख रहे सुधार का संबंध, मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों को मिलने वाले मुनाफे से है और वेतन पर निर्भर रहने वाले लोग, […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: रेटिंग की बाधाएं

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुख्य अर्थशास्त्री वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में वहां के अर्थशास्त्रियों ने गत सप्ताह एक निबंध संग्रह जारी किया। नागेश्वरन और उनकी टीम की इस बात के लिए सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने एक ऐसा संग्रह पेश किया जो जरूरी अंत:दृष्टि प्रदान करता है तथा असमानता, देश की अंतरराष्ट्रीय कारोबारी […]

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