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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: AI पर समझदारी भरा नियमन

यूरोपीय संघ ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) अधिनियम पारित कर दिया है। यह दुनिया भर में एआई से संबंधित पहला कानून है और नियमन तथा निगरानी का एक मॉडल मुहैया कराता है। यह एआई नियमन पर वैश्विक सहमति का मानक भी बन सकता है। भारत भी इस समय इस दिशा में प्रयासरत है और वर्तमान में […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद

केंद्र सरकार द्वारा तत्कालीन जम्मू कश्मीर प्रांत का विशेष संवैधानिक दर्जा समाप्त किए जाने के चार वर्ष बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस कदम की संवैधानिकता पर मुहर लगा दी है। देश के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस विषय पर विभिन्न याचियों द्वारा उठाए गए तमाम प्रश्नों […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मौद्रिक नीति समिति का फैसला…उत्साहवर्द्धक परिदृश्य

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा वर्ष 2023 की अंतिम नीतिगत समीक्षा को लेकर व्यापक तौर पर यही अपेक्षा थी कि नीतिगत दरें और नीतिगत रुख अपरिवर्तित रहेगा। समिति ने बाजार को नहीं चौंकाने का उचित निर्णय लिया और वर्ष का संतोषजनक समापन किया। हकीकत में 2023 अनुमान से बेहतर वर्ष साबित […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: सतत सामाजिक संकट, महिलाओं पर अपराध में इजाफा

भारत ग्लोबल साउथ (दुनिया के विकासशील देश) के नेतृत्व या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के साथ जहां विश्व स्तर पर अपने कद को बड़ा करना चाहता है, वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं कि महिला सुरक्षा के मोर्चे पर हालात बेहद खराब हैं। एनसीआरबी के रिकॉर्ड के मुताबिक […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: विधानसभा चुनाव में हार के बाद ‘इंडिया’ का भविष्य

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने 1 सितंबर को मुंबई में अपनी पिछली बैठक में सीट साझेदारी की व्यवस्था को ‘तुरंत’ हल करने का ‘संकल्प’ लिया था और कहा था कि इसे आपसी सामंजस्य की भावना के साथ जल्दी पूरा किया जाएगा। यह भी कहा गया था कि देश भर में सार्वजनिक मुद्दों पर जनसभाओं का आयोजन […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: ब्याज दरों को लेकर प्रतीक्षा करने का वक्त

भारतीय रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की इस सप्ताह होने वाली बैठक अनुकूल आर्थिक परिदृश्य में होने जा रही है। गत सप्ताह जारी किए गए आंकड़े दर्शाते हैं कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.6 फीसदी की वृद्धि हासिल की। एमपीसी ने इस अवधि में 6.5 […]

आज का अखबार, संपादकीय

COP28: भारत के पास जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को हासिल करने का मौका

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन या कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज के 28वें संस्करण यानी कॉप 28 की बैठक इस समय दुबई में चल रही है और कुछ महत्त्वपूर्ण घोषणाएं सुनने को मिल चुकी हैं। कॉप शिखर बैठकों का मूल उद्देश्य ऐसे बाध्यकारी समझौतों को अंजाम देना था जो ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को सीमित […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Assembly Election Results 2023 : मजबूत होती भाजपा

यदि हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों को 2024 के आम चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ माना जाए तो यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत निश्चित है। सत्ताधारी दल ने तीन हिंदी प्रदेशों में जीत का परचम लहराया जबकि कांग्रेस को तेलंगाना से संतोष करना पड़ा। बड़ी तस्वीर पर गौर करें […]

आज का अखबार, संपादकीय

GDP के आंकड़े खुशनुमा पर नाजुक

भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के हालिया आंकड़े खुश करने वाले हैं मगर भ्रामक नहीं हैं क्योंकि उनसे वाकई अच्छे संकेत मिलते हैं। तिमाही जीडीपी आंकड़ों के साथ एक चेतावनी भी आनी चाहिए थी: नाजुक, एहतियात बरतें! इसकी वजह समझने के लिए जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 7.6 फीसदी जीडीपी वृद्धि बताने वाले आंकड़ों पर […]

आज का अखबार, संपादकीय

दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ने चौंकाया, लेकिन धीमेपन की आशंका

वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर के दौरान अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 7.6 फीसदी की दर से बढ़ी। इस बात ने अधिकांश विश्लेषकों को सकारात्मक ढंग से चौंकाया। अधिकांश अर्थशास्त्री आशा कर रहे थे कि वृद्धि दर 7 फीसदी के आसपास रहेगी। बहरहाल, अक्टूबर में बिज़नेस स्टैंडर्ड के एक आयोजन में भारतीय रिजर्व बैंक […]

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