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लेखक : अजय छिब्बर

आज का अखबार, लेख

डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में विघटन का दौर

विश्व व्यवस्था आज जिस दौर से गुजर रही है उसे मैं ‘विशाल विघटन’ के रूप में परिभाषित करना चाहूंगा। वर्ष 2008-2009 के वैश्विक वित्तीय संकट को ‘ विशाल अपस्फीति’ कहा गया था। 2020 की महामारी को ‘विशाल लॉकडाउन’ का नाम दिया गया था। इन घटनाओं ने बड़े पैमाने पर आर्थिक प्रभाव डाला लेकिन विश्व व्यवस्था […]

आज का अखबार, लेख

कर कटौती स्वागत योग्य मगर पर्याप्त है क्या?

पिछले तीन-चार साल में सार्वजनिक व्यय पर बहुत ज्यादा जोर देने के बाद सरकार ने खपत और वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आय कर कटौती की मदद लेने का निश्चय किया है। पूंजीगत व्यय अब भी ज्यादा है मगर उसमें ठहराव आया है। बजट में जो पूंजीगत व्यय बताया गया है उसका काफी हिस्सा […]

आज का अखबार, लेख

भारत के सामने 2025 में है अनिश्चितता भरी दुनिया

भारत के लिए 2025 की शुरुआत कुछ दुख भरी रही क्योंकि पिछले साल के अंत में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया। सिंह वह व्यक्ति थे जिन्होंने 1991 में आर्थिक सुधारों की शुरुआत कर देश को तेज वृद्धि की राह पर ले जाने में मदद की। इस समय अर्थव्यवस्था में सुस्ती आ रही […]

आज का अखबार, लेख

भारतवंशी अमेरिकियों की मजबूत स्थिति

स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय में 2022 में टाटा के सह प्रायोजन वाले एक इंडिया कॉन्फ्रेंस में अमेरिका की पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीजा राइस ने सन 2000 के राष्ट्रपति चुनाव (उस समय जॉर्ज डब्ल्यू बुश राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे) की एक चकित करने वाली कहानी सुनाई। राष्ट्रपति के उम्मीदवार यानी बुश जूनियर को जब उन्होंने और […]

आज का अखबार, लेख

मध्य आय का जाल और भारत का हाल

भारत को विकसित देश बनना है और दूसरों के लिए बेहतर राह निर्धारित करनी है तो उसे पांच अहम सुधार करने होंगे। बता रहे हैं अजय छिब्बर विश्व बैंक (World Bank) की हालिया विश्व विकास रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 108 देश इस समय मध्य आय के जाल में फंसे हुए हैं। उसके मुताबिक ये वे […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप और हैरिस की नीतियों में होंगे अहम फर्क, अमेरिकी चुनावों का भारत पर कैसे हो सकता है असर?

अमेरिका में 5 नवंबर तक नया राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा और चुनाव परिणाम का अमेरिका ही नहीं भारत समेत पूरी दुनिया पर बहुत प्रभाव पड़ेगा। कमला हैरिस जीतीं तो वह कई नए रिकॉर्ड बनाएंगी – इस सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली वह पहली अश्वेत महिला होंगी और अमेरिका की राष्ट्रपति बनने वाली भारतीय मूल की […]

आज का अखबार, लेख

आधुनिक भारत के लिए प्रशासनिक सुधार जरूरी, क्या मोदी सरकार तीसरे कार्यकाल में उठाएगी कदम?

अफसरशाही यानी ब्यूरोक्रेसी में बड़े पदों पर निजी क्षेत्र से विशेषज्ञों की सीधी नियुक्ति (लैटरल अपॉइंटमेंट्स) पर छिड़ी बहस के बीच एक बड़े मसले की अनदेखी हो गई है। यह मसला है आर्थिक सुधारों के साथ बड़े प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता। ई-सेवाओं में काफी इजाफा होने के बाद भी कारोबारियों और नागरिकों के लिए भारतीय […]

आज का अखबार, लेख

वास्तविक मुद्दों का सही दिशा में समाधान करता बजट

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आए पहले बजट में मतदाताओं के संदेश को समझने और स्वीकार करने की कोशिश की गई है। इस बजट का पूरा जोर रोजगार देने, कौशल विकास करने और ग्रामीण क्षेत्रों की हताशा दूर करने, लघु एवं मध्यम स्तर के उद्यमों के साथ-साथ उत्पादन के प्रमुख घटकों, श्रम एवं भूमि […]

आज का अखबार, लेख

बजट में इस बार दिखना चाहिए बदलाव का संकेत

Budget 2024: बजट में जीडीपी (GDP) के आंकड़ों की चकाचौंध से निकल कर रोजगार सृजन और ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाली दूर करने के उपाय भी होने चाहिए। बता रहे हैं अजय छिब्बर लोकसभा चुनाव संपन्न हुए एक महीना हो गया है। कई सप्ताहों तक चली चुनावी जद्दोजहद के बाद नई सरकार को बिना समय गंवाए […]

आज का अखबार, लेख

चुनाव नतीजों के मुताबिक बदलाव की जरूरत

आम चुनाव के नतीजों पर गौर करें तो देश के मतदाताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं बल्कि समावेशी वृद्धि चाहते हैं। बता रहे हैं अजय छिब्बर हालिया आम चुनाव से दो अहम संकेत निकले हैं: पहला, विभाजनकारी, ध्रुवीकरण की राजनीति कारगर नहीं है। इस बात का संकेत तो […]

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