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लेखक : अभिजित लेले

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बैंकों के खुदरा कर्ज की रफ्तार घटी, 2024-25 में सिर्फ 11.6% बढ़ोतरी

देश में बैंकों के खुदरा ऋण में तेज गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2025 में बैंकों ने जो खुदरा कर्ज दिया, वह वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले 11.6 फीसदी ही अधिक था। इससे पहले 2023-24 में कर्ज 2022-23 के मुकाबले 27.6 फीसदी बढ़ा था। इसकी वजह नियामकीय चिंताएं मानी जा रही हैं, जिनके कारण बैंकों […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, ताजा खबरें, बजट, बाजार, भारत, राजनीति, वित्त-बीमा

बाह्य वाणिज्यिक उधारी के जरिये जुटाई गई रकम दोगुनी से अधिक

बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये जुटाई गई दोगुनी से अधिक होकर 20.3 अरब डॉलर हो गई है। ये आंकड़े एक साल पहले के मुकाबले पिछले साल अप्रैल से लेकर इस साल फरवरी के बीच के है। इसका आंशिक कारण विदेशी फंड जुटाने की लागत में कमी है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के […]

आज का अखबार, बाजार, बैंक, वित्त-बीमा, शेयर बाजार

जांच के घेरे में है इंडसइंड बैंक का जोखिम प्रबंधन, नेतृत्व : मूडीज

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने आज कहा कि वह भारत की निजी क्षेत्र के ऋणदाता इंडसइंड बैंक में नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन की समीक्षा कर रही है, जो डेरिवेटिव लेनदेन के लिए लेखांकन में खामियों से जूझ रहा है। मूडीज की सहायक प्रबंध निदेशक अलका अनबरसु ने कहा, इंडसइंड बैंक की मजबूत पूंजी […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक एफडीआई घटकर 1.5 अरब डॉलर, सकल आवक में वृद्धि

अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तेजी से घटकर 1.5 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 11.5 अरब डॉलर था। उच्च प्रत्यावर्तन और भारत से विदेश में धन लगाए जाने के कारण ऐसा हुआ है। बहरहाल सकल एफडीआई आवक में वृद्धि बनी हुई […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

हाईवे इन्फ्रा ट्रस्ट जुटाएगा 4,950 करोड़ रुपये

वैश्विक निवेश कंपनी केकेआर समर्थित हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट (एचआईटी) 15 वर्षीय सावधि ऋण से 4,950 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। यह कंपनी स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (एसपीवी) और पुराने ऋण के कुछ हिस्से के लिए धन जुटाने के वास्ते कर रही है। इंडिया रेटिंग्स के अनुसार एचआईटी के पोर्टफोलियो में 13 संचालित सड़कों […]

आईटी, आज का अखबार, भारत

UPI लेनदेन में रुकावट: NPCI और बैंकों का प्रयास, तकनीकी समस्याओं का समाधान जल्द

देश के प्रमुख भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का संचालन करने वाली नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने प्लेटफॉर्म पर हाल के दिनों में आई रुकावटों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख बैंकों और तीसरे पक्ष के ऐप्लिकेशन प्रदाताओं (टीपीएपी) के साथ आज बैठक की। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने यह जानकारी दी। […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी, बैंक अब जमा दरों में सीमित कमी की ओर बढ़े

मौजूदा नरमी चक्र के दौरान जमा ब्याज दरों में कमी पिछले चक्र की तुलना में अधिक सीमित रह सकती है। ऐसा इसलिए कि नीतिगत रीपो दर में अधिकतम प्रत्याशित कटौती पिछले नरमी चक्र के 250 आधार अंकों की तुलना में करीब 100 आधार अंक ही है। इसके अतिरिक्त प्रमुख बैंकों का ऋण-जमा अनुपात भी उच्च […]

ताजा खबरें, भारत, वित्त-बीमा

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर में बढ़ती चूक बनी चिंता, FY26 की दूसरी छमाही में सुधार की उम्मीद

देश में माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में चूक की दर मार्च 2025 तिमाही में उच्च स्तर पर बने रहने का अनुमान है। कर्नाटक में ग्राहक अनुशासन पर अध्यादेश और राजनीतिक चुनौतियों के कारण चूक में वृद्धि जारी रह सकती है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक माइक्रोफाइनैंस सेग्मेंट में कर्ज वसूलने की कुशलता पर बुरा असर पड़ […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, आपका पैसा, बैंक, वित्त-बीमा

वर्ष 2025 में सरकारी बैंकों ने दिए ज्यादा ऋण

मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2025 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के ऋणों में वृद्धि की रफ्तार बनी रही जबकि बैंक ऋणों में कुल मिलाकर नरमी रही। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति रिपोर्ट (अप्रैल 2025) के अनुसार ऋणों में उनकी हिस्सेदारी एक साल पहले के 51.7 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2025 में 57.3 […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

वित्त वर्ष 2026 में बैंकों के 1.51 लाख करोड़ रुपये के कर्ज बट्टे खाते में जाने की आशंका

भारत के वाणिज्यिक बैंकों के इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) में 1.51 लाख करोड़ रुपये के फंसे हुए कर्ज को बट्टे खाते में डालने के आसार हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुमान के अनुसार बैंक अपने बहीखाते को दुरुस्त करने के लिए यह कदम उठा सकते हैं। रेटिंग एजेंसी के अनुसार वित्त वर्ष 26 […]

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