facebookmetapixel
Advertisement
सरकार लाई नया Tax Amendment Bill, गिफ्ट सिटी, विदेशी निवेश कोष और डेटा सेंटर को मिलेंगी टैक्स में छूटManufacturing PMI जुलाई में पांच साल के निचले स्तर पर, कमजोर मांग और बिक्री से सुस्त पड़ा विनिर्माण क्षेत्रFCNR(B) जमा बढ़ने से बैंकों की CD पर निर्भरता घटी, जुलाई में 95 हजार करोड़ रुपये जुटाएकांग्रेस ने मुझे रोका नहीं होता तो मैं भारत का मूल सुधारक होता, 1991 के बजट भाषण में मेरे बजट के कई अंश: यशवंत सिन्हासड़क हादसे रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों में V2V सिस्टम होगा जरूरीटैक्स दबाव के बाद आईटीसी में सुधार के संकेत, शेयर 4% चढ़कर पहुंचा ₹292.50छात्र प्रदर्शन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख किया साफ, गंभीर अपराध छोड़ बाकी छात्रों को मिलेगी राहतउपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, दतिया भी नहीं जीत सकी BJPअल-नीनो और कमजोर मॉनसून के बीच पानी पर बढ़ी सियासत, कावेरी से महानदी तक फिर गरमाए राज्यों के विवादक्लोजिंग ऑक्शन से बाजार हैरान, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा तो निफ्टी में 391 अंकों की बढ़त

माइक्रोफाइनैंस सेक्टर में बढ़ती चूक बनी चिंता, FY26 की दूसरी छमाही में सुधार की उम्मीद

Advertisement

कर्नाटक में ग्राहक अनुशासन पर अध्यादेश और राजनीतिक चुनौतियों के कारण चूक में वृद्धि जारी रह सकती है।

Last Updated- April 11, 2025 | 6:55 AM IST
Microfinance defaults stay elevated in Q4FY25, says India Ratings

देश में माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में चूक की दर मार्च 2025 तिमाही में उच्च स्तर पर बने रहने का अनुमान है। कर्नाटक में ग्राहक अनुशासन पर अध्यादेश और राजनीतिक चुनौतियों के कारण चूक में वृद्धि जारी रह सकती है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक माइक्रोफाइनैंस सेग्मेंट में कर्ज वसूलने की कुशलता पर बुरा असर पड़ सकता है और चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही) में ही चूक में सतत सुधार की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026 में एनबीएफसी-एमएफआई के लिए क्षेत्र के बिगड़ते दृष्टिकोण और स्थिर रेटिंग आउटलुक को बनाए रखा है।

इंडिया रेटिंग्स में फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशंस के वरिष्ठ निदेशक करण गुप्ता ने कहा, ‘निकट भविष्य में हम अध्यादेश के कारण कर्नाटक पोर्टपोलियो पर अग्रिम प्रवाह के असर पर नजर बनाए रखेंगे।’ एजेंसी ने कहा कि वह देश के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में लू के असर और आगामी मॉनसून की प्रगति पर भी नजर रखेगी।

वित्त वर्ष 2025 की दिसंबर तिमाही से ही सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एनबीएफसी-एमएफआई) के रूप में काम करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के हर सेग्मेंट के चूक में वृद्धि जारी है। कर्ज के भुगतान में देय तिथि से 90 दिन से अधिक की देरी (डीपीडी) बढ़कर 3.5 फीसदी पर पहुंच गई है, जो वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में 2.8 फीसदी और और वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 1.8 फीसदी थी। भुगतान में 60 दिन से अधिक की देरी भी बढ़ी है। यह वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 5.6 फीसदी रही, जो दूसरी तिमाही में 3.9 फीसदी और पहली तिमाही में 2.6 फीसदी थी।

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 6:55 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement