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नकदी का नया रिकॉर्ड: देश में चलन मुद्रा ₹40 लाख करोड़ के पार, SBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने चांदी की बढ़ी कीमतों के कारण इनकी बिक्री और उसकी जगह नकदी रखा जाना भी एक वजह हो सकती है

Last Updated- February 16, 2026 | 10:51 PM IST
Rupees
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार 31 जनवरी, 2026 को समाप्त पखवाड़े में चलन में मुद्रा (सीआईसी) लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। वहीं नकद और जीडीपी के अनुपात में लगातार कमी आ रही है।  

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘दिलचस्प बात यह है कि चलन में नकदी की मात्रा बढ़ती रही है, लेकिन ‘नकद और जीडीपी’ का अनुपात हाल के वर्षों में वित्त वर्ष 2021 के 14.4 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 11 प्रतिशत रह गया है।’ मॉडलों ने दिखाया कि मुद्रा और जीडीपी में बदलाव की दिशा समान हो सकती है, लेकिन वृद्धिशील जीडीपी वृद्धि को अब नकदी से कम और यूपीआई के माध्यम से अधिक धन मिल रहा है।

रिपोर्ट में यूपीआई लेनदेन में तेजी और चलन में मुद्रा में भी तेजी के विरोधाभास पर कहा गया है कि नकदी की मांग में वृद्धि की कई वजहें हैं। इसमें से एक वजह यह है कि एटीएम से मासिक नकदी निकासी 2.5 लाख रुपये के दीर्घावधि औसत से अधिक हो गई है। कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में एटीएम से नकद निकासी बढ़ रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्नाटक वाणिज्य कर विभाग ने यूपीआई लेनदेन करने वाले छोटे कारोबारियों व वेंडरों को करीब 18,000 जीएसटी नोटिस जारी किए हैं, जिनका लेनदेन अधिक है। इसकी वजह से यूपीआई से लेनदेन को झटका लगा है।

 रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कम ब्याज दरों और  खपत की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण खासकर ग्रामीण इलाकों में नकद रखने का चलन बढ़ा है।’इसमें कहा गया है कि घटती ब्याज दरें धन की मांग की एक वजह हो सकती हैं।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने चांदी की बढ़ी कीमतों के कारण इनकी बिक्री और उसकी जगह नकदी रखा जाना भी एक वजह हो सकती है।

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First Published - February 16, 2026 | 10:23 PM IST

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