facebookmetapixel
Advertisement
वैलेंटाइन डे से पहले ई-कॉमर्स बिक्री 60% तक बढ़ी, फूल-चॉकलेट की मांग में उछालबीएनपी की जीत के बाद भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार की उम्मीद, मोदी ने तारिक रहमान से की बाततीखी बहसों के साथ बजट सत्र का पहला भाग पूराभारत में एआई इम्पैक्ट समिट, छह प्रधानमंत्री और सात राष्ट्रपति करेंगे मंथन; 45 देशों की भागीदारीसाउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक, नए भवन में पहुंचा प्रधानमंत्री कार्यालयसियासी हलचल: मणिपुर के नए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के सामने अनेक चुनौतियांसहकारिता और बैंकिंग रिजर्व बैंक की चुनौतियांEditorial: भारत साइबर तैयारी में आगे, लेकिन खतरे भी तेजी से बढ़ रहेईटीएफ के कीमत दायरे की समीक्षा का सेबी का प्रस्तावमजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद मुथूट फाइनैंस 12% टूटा, आय की टिकाऊपन पर सवाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिला वेनेजुएला से तेल खरीद का लाइसेंस

Advertisement

भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां वेनेजुएला के तेल पर भारी छूट की मांग कर रही हैं क्योंकि वह काफी चिपचिपा एवं अम्लीय होता है।

Last Updated- February 13, 2026 | 9:41 PM IST

वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को पिछले सप्ताह अमेरिकी सरकार से एक सामान्य लाइसेंस मिला। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

अरबपति मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली आरआईएल गुजरात में जामनगर कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है जो दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल रिफाइनरी है। यह रिफाइनरी विभिन्न प्रकार के भारी कच्चे तेल को प्रॉसेस करने में सक्षम है।

आरआईएल को इस संबंध में टिप्पणी के लिए भेजे गए एक ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद कहा था कि अमेरिकी तेल कंपनियां दक्षिण अमेरिका के इस देश में तेल बुनियादी ढांचे का नए सिरे से निर्माण करेंगी। वैश्विक ट्रेडिंग हाउस विटोल और ट्रैफिगुरा को वेनेजुएला के कच्चे तेल के लदान और निर्यात करने के लिए पहला अमेरिकी लाइसेंस मिला था।

वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद कई वैश्विक रिफाइनरों की नजरें उसके कच्चे तेल पर टिक गई हैं। वेनेजुएला पर 2019 में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध से पहले आरआईएल और नायरा एनर्जी वहां से कच्चे तेल की खरीद करने वाली सबसे बड़ी भारतीय खरीदार थीं।

वेनेजुएला में दुनिया के कुल कच्चे तेल भंडार का करीब 18 फीसदी हिस्सा मौजूद है। मगर कच्चे तेल के वैश्विक उत्पादन में उसका योगदान महज 0.8 फीसदी है जो वर्षों से कम निवेश और बुनियादी ढांचा संबंधी बाधाओं को दर्शाता है। अब तक चीन और अमेरिका वेनेजुएला से कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदार थे।

भारत की सरकारी रिफाइनिंग कंपनियां ऐतिहासिक तौर पर वेनेजुएला के कच्चे तेल को प्रॉसेस नहीं करती रही हैं। इंडियन ऑयल को मामूली मात्रा में इसकी आपूर्ति की जाती है। मगर रिफाइनरियों की जटिलता को बेहतर करने वाले अपग्रेड के साथ हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) जैसी तेल विपणन कंपनियां अब वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को प्रॉसेस करने में सक्षम हैं।

बीपीसीएल केरल में अपनी कोच्चि रिफाइनरी और मध्य प्रदेश के बीना रिफाइनरी में वेनेजुएला के कच्चे तेल को प्रॉसेस कर सकती है। एचपीसीएल विशाखापत्तनम रिफाइनरी और राजस्थान के बाड़मेर में बन रही अपनी नई रिफाइनरी में भारी कच्चे तेल को प्रॉसेस कर सकती है। इंडियन ऑयल काफी समय से अपनी पानीपत रिफाइनरी में वेनेजुएला से आयातित तेल को प्रॉसेस करती रही है।

भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां वेनेजुएला के तेल पर भारी छूट की मांग कर रही हैं क्योंकि वह काफी चिपचिपा एवं अम्लीय होता है। ऐसे में उसकी रिफाइनिंग कठिन है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने पहले खबर दी थी कि बीपीसीएल वेनेजुएला के तेल पर 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल की छूट चाहती है।

Advertisement
First Published - February 13, 2026 | 9:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement