facebookmetapixel
Advertisement
Raymond के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, 87 की उम्र में ली आखिरी सांसVedanta का बड़ा दांव! एक कंपनी से बनेंगी 5 लिस्टेड कंपनियां, बाजार में मचेगी हलचलपश्चिम एशिया की जंग से भारतीय अर्थव्यवस्था पर संकट: क्या 7.4% की विकास दर हासिल कर पाएगा भारत?WTO में भारत का बड़ा कदम: डिजिटल ट्रेड पर टैरिफ न लगाने के मोरेटोरियम को दो साल के लिए दी मंजूरीमोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत में मस्क की मौजूदगी को भारत ने नकारा, कहा: सिर्फ दोनों नेता ही शामिल थेApple ने बदला अपना गेम प्लान, भारत में पुराने आईफोन खरीदना अब नहीं होगा इतना सस्ता2026 में आ सकता है फाइनेंशियल क्रैश? रॉबर्ट कियोसाकी ने चेताया, बोले: पर ये अमीर बनने का मौका होगाIPL 2026: इस बार बिना MS Dhoni उतरेगी CSK, कौन संभालेगा टीम की कमान?ITR Filing 2026: इस बार नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा या पुराना? एक्सपर्ट से दूर करें सारा कंफ्यूजनIRB इंफ्रा और Triton Valves समेत ये 4 कंपनियां अगले हफ्ते देंगी बोनस शेयर, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

NPS में आए ज्यादा कॉर्पोरेट सब्सक्राइबर

Advertisement

कॉर्पोरेट सेक्टर के 29,333 सबस्क्राइबरों में से तीन चौथाई सबस्क्राइबर 29 साल और उससे ज्यादा उम्र के हैं।

Last Updated- September 25, 2023 | 10:47 PM IST
अब NPS निवेश का उसी दिन निपटान, नई व्यवस्था से ग्राहकों को होगा फायदा, Same-day settlement for NPS subscribers from July 1: Check details

राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत नए कॉर्पोरेट सबस्क्राइबरों का पंजीकरण जुलाई में 12 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जून के 14,395 की तुलना में कॉर्पोरेट सबस्क्राइबरों की संख्या दो गुने से ज्यादा होकर 29,333 पर पहुंच गई है।

कुल मिलकार एनपीएस में केंद्र, राज्य व कॉर्पोरेट क्षेत्र से जुलाई में एनपीएस से 76,372 नए सबस्क्राइबर जुड़े हैं, जो इसके पहले के महीने के 54,715 की तुलना में ज्यादा हैं।

कार्पोरेट सबस्क्राइबर में ज्यादातर स्वैच्छिक सबस्क्राइबर होते हैं और ये मुख्य रूप से केंद्र व राज्यों के सार्वजनिक उपक्रमों के साथ निजी क्षेत्र के कर्मचारी होते हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर के 29,333 सबस्क्राइबरों में से तीन चौथाई सबस्क्राइबर 29 साल और उससे ज्यादा उम्र के हैं।

एक अधिकारी ने कहा, ‘नए कॉर्पोरेट सबस्क्राइबर में बढ़ोतरी की एक वजह यह हो सकती है कि नई कंपनियां सामाजिक सुरक्षा योजना में शामिल हो रही हैं और यह संभव हो कि पूरी नई भर्तियां न हों क्योंकि एनपीएस उनके लिए स्वैच्छिक है। बहरहाल यह अच्छा है कि ज्यादा कंपनियां अपने कर्मचारियों को एनपीएस में शामिल करने और सरकार की कर छूट योजना व अन्य प्रोत्साहनों का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।’

हालांकि केंद्र के हिस्से में नए एनपीएस सबस्क्राइबरों की संख्या जुलाई में 14,511 रही है।

Advertisement
First Published - September 25, 2023 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement