facebookmetapixel
Advertisement
तेल की कीमतों में उछाल के बीच ये 4 Energy stocks बने ब्रोकरेज के फेवरेट, 91% तक अपसाइड के टारगेटMiddle East Crisis: ड्रोन हमले से दहला दुबई, इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद; कई उड़ानें डायवर्ट5% और गिर सकते हैं सेंसेक्स-निफ्टी? नोमुरा ने निफ्टी टारगेट 15% घटाया, कहा – आगे और आ सकता है करेक्शनGold-Silver Price Today: सोना-चांदी में अचानक गिरावट, MCX पर फिसले दाम; जानें ताजा रेटUS-Iran War Impact: पश्चिम एशिया के तनाव से भारतीय रत्न-आभूषण निर्यात को झटका, 20% तक गिरावटRBI की नीतियों का 10 साल का हिसाब, कब बढ़ीं दरें और कब मिली राहतGSP Crop Science IPO: ₹400 का आईपीओ खुला, प्राइस बैंड ₹304- ₹320; अप्लाई करें या अवॉइड?मिडिल ईस्ट संकट से कृषि निर्यात को झटका, कई राज्यों के किसानों की आय प्रभावित होने की आशंकाईरान संघर्ष का असर, रुपया दबाव में; आरबीआई के लिए बढ़ी चुनौतीमिडिल ईस्ट युद्ध से भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव, घटने लगे ग्रोथ रेट अनुमान

अतिरिक्त खर्च से बढ़ेगा घाटा!

Advertisement

बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने पर वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण ने संसद से वित्त वर्ष 2023 के लिए 2.7 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त सकल व्यय की मंजूरी मांगी

Last Updated- March 14, 2023 | 9:31 AM IST
Finance Ministry

वित्त मंत्रालय ने दूसरी और अंतिम पूरक अनुदान मांग के तहत चालू वित्त वर्ष में 1.48 लाख करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त व्यय के लिए संसद से आज मंजूरी मांगी, जिससे राजकोषीय घाटे में मामूली इजाफा हो सकता है।

बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने पर वित्त मंत्री  निर्मला सीतारमण ने संसद से वित्त वर्ष 2023 के लिए 2.7 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त सकल व्यय की मंजूरी मांगी। मंत्रालय ने कहा कि शुद्ध नकद व्यय 1.48 लाख करोड़ रुपये होगा और बाकी रकम बचत या प्रा​प्तियों से खर्च की जाएगी।

पिछले साल दिसंबर में वित्त मंत्रालय को पूरक मांग की पहली किस्त के तौर पर 3.26 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की मंजूरी मिली थी। अतिरिक्त व्यय की मांग मुख्य रूप से उर्वरक स​ब्सिडी, सैनिकों की पेंशन, यूएसओएफ तथा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे के लिए की गई है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि शुद्ध नकद व्यय के एक हिस्से की भरपाई अन्य मदों से की गई बचत के जरिये की जाएगी, लेकिन राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2023 के संशो​धित अनुमान 17.6 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अ​धिक रह सकता है। राष्ट्रीय सां​ख्यिकी कार्यालय ने चालू वित्त वर्ष के लिए नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुमान 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटाकर 272 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। राजकोषीय घाटा पहले ही जीडीपी के 6.4 फीसदी से थोड़ा ज्यादा रहने का अनुमान है। यदि आंतरिक बचत या अनुमान से अ​धिक राजस्व संग्रह नहीं हुआ तो अतिरिक्त व्यय के कारण राजकोषीय घाटा जीडीपी के 7 फीसदी तक पहुंच सकता है।

उर्वरक स​ब्सिडी के लिए 36,325 करोड़ रुपये की मांग की गई है। यह वित्त वर्ष 2023 के लिए उर्वरक स​ब्सिडी मद में आवंटित 2.1 लाख करोड़ रुपये से इतर है।

Advertisement
First Published - March 14, 2023 | 9:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement