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ऋणदाता जेपी के ऋण नैशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन को बेचने की तैयारी में 

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आईसीआईसीआई बैंक सितंबर 2018 में कर्ज समाधान के लिए याचिका पेश करने वाला पहला ऋणदाता था, जबकि एसबीआई ने पिछले साल सितंबर में अपनी याचिका सौंपी।

Last Updated- September 11, 2023 | 10:54 PM IST
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भारतीय ऋणदाता जयप्रकाश एसोसिएट्स को दिए गए अपने कुछ ऋण नैशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) को बेचने के लिए बात कर रहे हैं। आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक द्वारा इस संबंध में आईबीसी 2016 के तहत कर्ज समाधान के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी)-इलाहाबाद पीठ के समक्ष लंबित हैं।

आईसीआईसीआई बैंक सितंबर 2018 में कर्ज समाधान के लिए याचिका पेश करने वाला पहला ऋणदाता था, जबकि एसबीआई ने पिछले साल सितंबर में अपनी याचिका सौंपी।

इस घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि कर्ज समाधान के लिए एनसीएलटी में पांच साल से ज्यादा के विलंब से ऋणदाताओं को ऋण नैशनल एआरसी को बेचने की बातचीत शुरू करने के लिए आगे आना पड़ा है। अधिकारी ने कहा, ‘बातचीत मौजूदा समय में मूल्य निर्धारण और कर्ज बिक्री की मात्रा पर केंद्रित है।’

इस संबंध में नैशनल एआरसी और जयप्रकाश एसोसिएट्स को भेजे गए ईमेल संदेशों का जवाब नहीं मिला है। लेकिन 6 सितंबर को जयप्रकाश ने खुलासा किया कि वह अपने ऋणदाताओं को 4,151 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में विफल रही। इसमें ऋणदाताओं के लिए ब्याज के तौर पर 2,486 करोड़ रुपये और मूल धन के तौर पर 1,665 करोड़ रुपये (इस साल 31 अगस्त तक) शामिल हैं।

कंपनी ने कहा है कि उसकी कुल उधारी में 29,361 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है जो वर्ष 2037 तक चुकाए जाने योग्य है। इसमें से, 4,151 करोड़ रुपये अगस्त 2023 तक चुकाए जाने थे। कंपनी ने कहा कि उसकी कुल उधारी में 18,502 करोड़ रुपये का कर्ज प्रस्तावित एसपीवी को स्थानांतरित किया जाएगा। संपूर्ण ऋण पुनर्गठन के दायरे में है।

पिछले साल दिसंबर में कंपनी ने सीमेंट, क्लिंकर और विद्युत संयंत्र बेचने के लिए एक समझौता किया था। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौजूद सीमेंट और विद्युत संयंत्रों की बिक्री 5,586 करोड़ रुपये की उद्यम वैल्यू पर की जाएगी। यह सौदा अभी पूरा नहीं हुआ है।

कॉरपोरेट अधिवक्ताओं का कहना है कि एनसीएलटी में सितंबर 2018 से कर्ज समाधान में विलंब की वजह से ऋणदाताओं में अनिश्चितता पैदा हुई थी और अब पूरी कर्ज समाधान प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किए जाने की जरूरत है, जिससे कि आईबीसी के तहत कर्ज समाधान प्रक्रिया की विश्वसनीयता बरकरार रखी जा सके।

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First Published - September 11, 2023 | 10:54 PM IST

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