facebookmetapixel
Advertisement
‘यह देश पर हमले जैसा’, अमेरिकी टैरिफ के बाद कनाडाई PM कार्नी का फूटा गुस्सा, कहा: जवाबी टैक्स लगाएंगेअमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान की पड़ोसी मुल्कों को चेतावनी: युद्ध में साथ दिया तो अंजाम भुगतने को रहें तैयारज्यादा खर्च हो गया? घबराने की जरूरत नहीं, इन आसान तरीकों से फिर पटरी पर लाएं अपनी आर्थिक स्थितिदेश में डॉलर की बंपर आवक! RBI की स्वैप स्कीम से आए $7.28 करोड़, जानें बैंकों पर क्या होगा असरनौकरी छोड़ने के बाद भी EPF खाते पर मिलेगा ब्याज? समझें उम्र व रिटायरमेंट से जुड़ा EPFO का पूरा नियमबिना कमाई वाले छात्रों को भी मिलेगा ₹25 लाख का लाइफ कवर, स्टूडेंट्स के लिए लॉन्च हुआ खास टर्म प्लानशेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! 1 शेयर पर 1 फ्री बोनस शेयर दे रही यह कंपनी; 24 अगस्त तय हुई रिकॉर्ड डेटअगले हफ्ते 50 से अधिक कंपनियां निवेशकों को बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकामानसून में बाढ़ और भूस्खलन से मकान को हुआ नुकसान? समझें होम इंश्योरेंस कैसे बचाएगा आपका पैसाक्या UPI पर नहीं लगेगा कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज? 2017 के कड़े नियम को ढाल बनाने की तैयारी में जुटा RBI

आधार कार्ड और आरसी में गड़बड़ी से अटकी 300 करोड़ रुपए की FAME-II सब्सिडी

Advertisement

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माताओं का कहना है कि सरकार ने इस मसले का हल पेश किए बिना ही ऐसे मामलों में महीनों से सब्सिडी रोक रखी है।

Last Updated- November 17, 2023 | 10:22 PM IST
EVs

वाहन कंपनियों, खास तौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का निर्माण करने वाली कंपनियों को दी जाने वाली 300 करोड़ से अधिक की फेम-2 सब्सिडी आधार कार्ड में दिए गए नाम और वाहन पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) में दिए गए खरीदारों के नाम के बीच विसंगति के कारण अटकी हुई है। वाहन कंपनियों ने यह जानकारी दी है।

सब्सिडी का दावा करने के लिए विनिर्माता को सरकार और भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (आईएफसीआई) को बिल के साथ ये दो दस्तावेज जमा करने होते हैं। सरकार की ओर से आईएफसीआई फेम-2 का प्रबंधन करता है। यह दो तरफा मसला है।

महाराष्ट्र जैसे राज्यों में किसी व्यक्ति के पिता का नाम आम तौर पर उसका मध्य नाम होता है। हालांकि आधार कार्ड में यह परंपरा दिखती है, लेकिन किसी वाहन के पंजीकरण के वक्त उपभोक्ता बीच वाला नाम हटा देता है, जिससे यह विसंगति हो जाती है।

अन्य मामलों में यह विसंगति तब होती है, जब दो दस्तावेज में उपनामों की वर्तनी अलग-अलग होती है। यह उस देश में आम समस्या है, जहां एक ही उपनाम को कई तरीकों से लिखा जा सकता है।

वाहन कंपनियों, खास तौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माताओं का कहना है कि सरकार ने इस मसले का हल पेश किए बिना ही ऐसे मामलों में महीनों से सब्सिडी रोक रखी है।

उनका कहना है कि जिन मामलों में विसंगति है, उनमें सब्सिडी दिसंबर 2022 से लंबित है और इस मसले को अब भी हल नहीं किया गया है। इसके अलावा सब्सिडी वितरण में देर बढ़ती जा रही है।

कम से कम एक कंपनी का तो यह अनुमान है कि वर्तमान में सब्सिडी के तकरीबन 15 प्रतिशत दावे सरकार द्वारा या तो आईएफसीआई में या भारी उद्योग विभाग में रोके हुए हैं। वाहन कंपनियों को अपने ऑडिटरों और बैंकरों के साथ भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

एक इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी के शीर्ष अधिकारी का कहना है ‘हमारे ऑडिटर हमसे सवाल कर रहे हैं कि सब्सिडी को इतने लंबे समय तक हमारे बहीखातों में ‘प्राप्त की जानी है’ के रूप में क्यों दिखाया जा रहा है। वे कह रहे हैं कि प्राप्तकर्ता को यह शपथ पत्र देना चाहिए कि पैसा बकाया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो कंपनी को अपने बहीखातों में इस राशि को बट्टे खाते डाल देना चाहिए। जाहिर है, सरकार न तो इसे खारिज कर रही है और न ही यह दिलासा देने को तैयार है कि पैसा आएगा। इसलिए हम असमंजस में हैं।’

Advertisement
First Published - November 17, 2023 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement