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इनपुट लागत के लाभ से मार्जिन में मदद, वाहन क्षेत्र के ओईएम की राजस्व वृद्धि 18 प्रतिशत रहने की उम्‍मीद

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उम्मीद है और जगुआर-लैंडरोवर में अधिक मार्जिन के कारण एबिटा मार्जिन 270 आधार अंक तक बढ़ने की उम्मीद है।

Last Updated- July 16, 2023 | 10:34 PM IST
Car Sales India, Sales of passenger vehicles were the highest in April, sales of two wheelers increased by 15 percent

वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के दौरान तिपहिया, दोपहिया और यात्री वाहनों (Passenger Vehicle) की घरेलू बिक्री की वजह से ऑटो उद्योग के वॉल्यूम में कुल मिलाकर 2.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

विश्लेषकों का अनुमान है कि वाहन क्षेत्र की मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) के राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि होगी तथा पिछले साल की तुलना में 69 प्रतिशत की लाभ वृद्धि होगी। अलबत्ता, पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व के साथ-साथ एबिटा मार्जिन में भी गिरावट के आसार हैं।

ऐक्सिस सिक्योरिटीज को उम्मीीद है कि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में वाहन क्षेत्र के ओईएम की राजस्व वृद्धि 18 प्रतिशत रहेगी, जबकि एबिटा 49 प्रतिशत और कर पश्चात लाभ (पीएटी) पिछले साल की तुलना में 69 प्रतिशत बढ़ेगा।

घरेलू बिक्री में सालाना आधार 10 प्रतिशत तक का इजाफा

ब्रोकरेज ने कहा कि यात्री वाहन खंड में वृद्धि की वजह से ऐसा होगा। घरेलू बिक्री में सालाना आधार 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो रहा है। दोपहिया वाहनों के मामले में मजबूत घरेलू वृद्धि (पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत) आंशिक रूप से निर्यात में गिरावट (पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत) से कम हो रही है। इस तिमाही के दौरान तिपहिया वाहनों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

वाणिज्यिक वाहन की बिक्री में चार प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह अप्रैल 2023 से लागू होने वाले बीएस-6 के दूसरे चरण के उत्सर्जन मानदंडों से पूर्व चौथी तिमाही में पहले से खरीदारी किया जाना थी।

पिछले साल के मुकाबले अधिक औसत बिक्री मूल्य से मार्जिन में मदद मिलेगी

वाहन क्षेत्र के ज्याचदातर ओईएम ने पिछले कुछ महीनों में अपने दाम बढ़ा दिए हैं और विश्लेषकों का मानना है कि पिछले साल के मुकाबले अधिक औसत बिक्री मूल्य से मार्जिन में मदद मिलेगी।

पिछले साल के अधिक आधार (जिंस के दाम पिछले साल की तुलना में कम हैं) के मुकाबले कच्चे माल की कीमतों में और अधिक कमी आने से सकल मार्जिन में 260 आधार अंक या उससे अधिक की बढ़ोतरी होगी।

डॉलर के मुकाबले रुपये में नरमी बजाज ऑटो और टीवीएस के लिए सकारात्मक

नुवामा रिसर्च ने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये में नरमी बजाज ऑटो और टीवीएस के लिए सकारात्मक है, जबकि पाउंड और यूरो के मुकाबले रुपये में गिरावट से टाटा मोटर्स-जगुआर लैंड रोवर के लाभ में मदद मिलेगी। इसने कहा है कि सभी अनुभागों में कुल इजाफे की वजह से समेकित स्तर पर टाटा मोटर्स के राजस्व में 43 प्रतिशत की वृद्धि होने की

उम्मीद है और जगुआर-लैंडरोवर में अधिक मार्जिन के कारण एबिटा मार्जिन 270 आधार अंक तक बढ़ने की उम्मीद है।
उत्पादन बढ़ने की वजह से घरेलू यात्री वाहनों के वॉल्यूम में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

नुवामा रिसर्च के विश्लेषकों को उम्मीलद है कि एमऐंडएम के वाहन खंड में 33 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि और मारुति सुजूकी के मामले में 19 प्रतिशत तथा टाटा मोटर्स इंडिया के यात्री खंड में 10 प्रतिशत का इजाफा होगा।

मध्य और भारी वाणिज्यिक वाहन (एमएचसीवी) में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है और वोल्वो-आयशर के वाणिज्यिक वाहन के मामले में 17 प्रतिशत और अशोक लीलैंड के मामले में 10 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि की उम्मीद है, जबकि टाटा मोटर्स इंडिया के वाणिज्यिक वाहन खंड के राजस्व में पांच प्रतिशत की गिरावट देखने के आसार हैं।

जहां तक दोपहिया वाहनों की बात है, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सकारात्मक मांग तथा पर्याप्त वित्त उपलब्धता के कारण वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही के दौरान घरेलू वॉल्यूम में 10 प्रतिशत की उछाल आई है। बजाज ऑटो के राजस्व में 25 प्रतिशत की वृद्धि दिखने की उम्मीद है, जबकि टीवीएस (19 प्रतिशत) और आयशर मोटर (रॉयल एनफील्ड) में 19 प्रतिशत की वृद्धि नजर आ सकती है।

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First Published - July 16, 2023 | 10:34 PM IST

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