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‘हमें अमेरिकी बनने का कोई शौक नहीं’, ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप की बात को ठुकराया, कहा: हम सिर्फ ‘ग्रीनलैंडर’Bonus Issue Alert: अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने निवेशकों को देंगी बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट फिक्सDMart Q3 Results: Q3 में मुनाफा 18.28% बढ़कर ₹855 करोड़ के पार, रेवेन्यू ₹18,100 करोड़ पर पहुंचाभारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौकेCorporate Action: स्प्लिट-बोनस-डिविडेंड से बढ़ेगी हलचल, निवेशकों के लिए उत्साह भरा रहेगा अगला हफ्ताIran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें350% का तगड़ा डिविडेंड! 5 साल में 960% का रिटर्न देने वाली कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफाSuzuki ने उतारा पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access, बुकिंग हुई शुरू! जानें कीमत65 मौतें, 2311 गिरफ्तारी के बाद एक फोन कॉल से सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज….आखिर ईरान में हो क्या रहा है?US Visa: अमेरिकी वीजा सख्ती ने बदला रुख, भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की भारत वापसी बढ़ी
ताजा खबरें

भारत को अगले 25 साल में शासन की संरचना पर ध्यान देने की जरूरत

भारत में लोकतंत्र, कानून का शासन और संस्थानों के कारण मुख्यतौर पर स्वतंत्रता के 75 साल बाद भारत के समक्ष असीम संभावनाएं मौजूद हैं। लेकिन भारत के सामने कई चुनौतियां जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन की संरचना हैं। हमें अपनी जनांकीय लाभांश का फायदा उठाना है। बिज़नेस स्टैंडर्ड प्लेटिनम पर्स्पेक्टिव्स के नामचीन विशेषज्ञों के पैनल […]

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विधि के शासन की सफलता के लिए आवश्यक तत्त्व

समाज की सभी समस्याओं का समाधान विधि के शासन में निहित है। फिर वे समाज के किसी भी वर्ग से क्यों न जुड़ी हों। चाहे वामपंथ हो या दक्षिणपंथ, उदारवादी हों या रूढ़िवादी, उन सभी का भी ऐसा ही विश्वास है। इससे जुड़े नियमों को लेकर उनमें मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस पर उनकी […]

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न्यायपालिका की नाकामी के क्या हैं कारण?

सार्वजनिक बुद्धिजीवी और मीडिया टिप्पणीकार ‘विधि के शासन’ पर अत्यधिक विश्वास रखते हैं, यह और बात है कि नियम शक्तिशाली लोगों द्वारा बनाये जाते हैं और एक ऐसी व्यवस्था में लागू किये जाते हैं जहां संसाधन संपन्न लोग उनकी व्याख्या अपने फायदे के लिए कर सकते हैं। इस आलेख में हम इस विषय में बात […]

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संवैधानिक मूल्यों पर आधारित हो राजनीति

भले ही चुनावों को लेकर औपचारिक प्रावधान बरकरार हैं लेकिन भारतीय लोकतंत्र राजनीतिक संस्कृति के एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। इस संकट में सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच के संवाद, एक विविधतापूर्ण समाज में बहुसंख्यकवाद की बढ़ती वैधता, मूल अधिकारों और कानून प्रवर्तन के प्रावधानों के प्रभाव को लेकर भरोसा कम […]