नागरिक उड्डन महानिदेशालय के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने पिछले साल अगस्त महीने में एयरलाइन प्रबंधन को चेतावनी दी थी कि एयर इंडिया को सुरक्षा को लेकर अपनी धारणा बदलने की जरूरत है, अन्यथा कोई भी आपदा आ सकती है। डीजीसीए में संयुक्त महानिदेशक रहे एके चोपड़ा को नवंबर 2018 में एयर इंडिया के चेयरमैन ने […]
निवेशकों को प्रत्यक्ष बाजार पहुंच से व्यवस्थागत जोखिम पैदा होगा
घरेलू ब्रोकिंग कंपनियों का कहना है कि ग्राहकों को प्रत्यक्ष बाजार पहुंच (डीएमए) मुहैया कराने और उन्हें एक्सचेंजों पर प्रत्यक्ष तौर पर कारोबार करने की अनुमति देने से व्यवस्थागत जोखिम को बढ़ावा मिल सकता है। चूंकि इस सप्ताह दलाल पथ पर डीएमए को लेकर अटकलों के बाद से सूचीबद्घ ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का शेयर भाव […]
राजमार्गों का जोखिम घटाने के लिए नया बीओटी मॉडल
बीओटी (बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए बहुप्रतीक्षित नए नियमों में निजी क्षेत्र को शामिल करने के लिए उन्हें कुछ प्रोत्साहन दिए गए हैं, ताकि इन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी हासिल की जा सके। कुछ चुनौतियों के कारण कई वर्षों से निजी क्षेत्र इससे लगभग गायब है। माना जा रहा है कि केंद्र […]
सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों द्वारा कर्ज देने में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति अब निजी क्षेत्र के बैंकों तक बढ़ता नजर आ रहा है। रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से आर्थिक सुधार पर बुरा असर पड़ सकता है। नीतिगत कदमों से वित्तीय बाजारों की स्थिति सुधरी है और वित्तीय संस्थानों […]
हालिया महीनों में शेयर बाजार में खुदरा भागीदारी बढ़ी है। गत चार महीनों में 35 लाख नए शेयर कारोबार खाते खोले गए हैं और इसके साथ ही खुदरा निवेशक एक मजबूत ताकत बनकर उभरे हैं। एक्सचेंजों के कुल कारोबार का 75 फीसदी इन्हीं के माध्यम से होता है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड […]
बीमा नियामक ने कार्यसमूह का गठन किया
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने महामारी से उत्पन्न जोखिमों के समाधान के लिए एक पूल के निर्माण की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए कार्य समूह का गठन किया है। समूह आठ हफ्तों में अपनी रिपोर्ट जमा कराएगा। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से कारोबारियों को भारी […]
जोखिम कम करने के लिए चाहिए एक वैश्विक फंड
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75वें वर्ष में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो बहुपक्षीयता का झंडा बुलंद कर रहे हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि कोविड-19 महामारी के बाद इस बात की काफी संभावना है कि विभिन्न देश अपने-अपने स्तर पर सिमट जाएं और किसी विषय को लेकर व्यापक मोलतोल की गुंजाइश […]