facebookmetapixel
भारत की सर्विसेज PMI दिसंबर में 11 महीने के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर में दिखी सुस्ती2026 तक 52 डॉलर तक गिर सकता है कच्चा तेल? रुपये में भी लौटेगी मजबूती! जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टSenior Citizen FD Rates: PSU, Private या SFB, कौन दे रहा है सीनियर सिटीजन को सबसे ज्यादा ब्याज?Q3 अपडेट के बाद 4% टूटा दिग्गज FMCG शेयर, लेकिन ब्रोकरेज को भरोसा; ₹625 के दिए टारगेटअमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच सोना-चांदी में ताबड़तोड़ तेजी, एक्सपर्ट ने बताया- इन धातुओं में कितना निवेश करेंGold silver price today: चांदी फिर 2.50 लाख पार, सोना भी हुआ महंगा; चेक करें आज के रेटदूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरी
बैंक

सैट में कोटक महिंद्रा बैंक के ​खिलाफ एनएसई आदेश रद्द

प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विसेज द्वारा जारी उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनमें कोटक महिंद्रा बैंक को  आर्केडिया शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकर्स द्वारा गिरवी शेयरों को जब्त नहीं करने को कहा गया था।  फरवरी, 2021 में एनएसई ने निजी क्षेत्र के ऋणदाता कोटक महिंद्रा बैंक […]

कंपनियां

बढ़ सकता है टाटा मोटर्स का घाटा

अप्रैल-जून तिमाही में यात्री वाहन दिग्गज टाटा मोटर्स का समेकित शुद्ध नुकसान बढ़कर 1,766.5 करोड़ रुपये रह सकता है, जो वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 1,033 करोड़ रुपये था। बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा पांच अनुमानों के औसत के आधार पर यह आकलन किया गया है। हालांकि सालाना आधार पर यह वित्त वर्ष 2022 की […]

बाजार

ब्रोकरों ने रिलायंस के आय अनुमान घटाए

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का वित्त वर्ष 2023 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए शुद्ध लाभ बाजार अनुमानों के अनुरूप नहीं रहने और अन्य समस्याओं को देखते हुए ब्रोकरों ने वित्त वर्ष 2023 और 2024 के लिए आय अनुमानों में कटौती की है। जेएम फाइनैं​​शियल के […]

बाजार

टी+वन से एफपीआई चिंतित

वैश्विक निवेशकों के साथ साथ ब्रोकरों, कस्टोडियन और क्लियरिंग कंपनियों को संक्षिप्त कारोबार निपटान चक्र पर अमल को लेकर अभी भी कई तरह की समस्याएं दिख रही हैं। कई उद्योग जानकारों का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को कारोबार पुष्टि की समय-सीमा, फॉरेक्स बुकिंग और प्री-फंडिंग जरूरत को लेकर चिंताओं का सामना करना […]

बाजार

मार्जिन के नियमों में नरमी, ब्रोकरों को मिली राहत

बाजार नियामक सेबी ने ब्रोकरों की तरफ से पीक मार्जिन की गणना करने वाले नियमों में छूट दी है। एक परिपत्र में नियामक ने कारोबारी सत्र की शुरुआत में मार्जिन तय करने की इजाजत दी है और इस तरह से इंट्राडे के आधार पर बार-बार उनमें बदलाव की आवश्यकता खत्म कर दी है। सेबी ने […]

वित्त-बीमा

बिक्री, मार्जिन सुधार से मारुति की बढ़ेगी रफ्तार

भारत की सबसे बड़ी यात्री कार निर्माता मारुति सुजूकी इंडिया (एमएसआईएल) के लिए वृद्घि परिदृश्य सकारात्मक हो रहा है। जहां मजबूत बिक्री और कीमत वृद्घि से उसे राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, वहीं जिंस कीमतों में नरमी और कर्ज स्तर में सुधार का परिचालन मुनाफा मार्जिन पर भविष्य में सकारात्मक असर पडऩे की संभावना है। […]

वित्त-बीमा

ब्रोकरों को इन 10 शेयरों में दो अंक प्रतिफल के आसार

भारतीय इक्विटी बाजार ने पिछले साल अक्टूबर में सर्वाधिक ऊंचे स्तर छूने के बाद से कमजोरी दर्ज की है। तब से बाजार ने नए ऊंचे और निचले स्तर बनाए हैं जिससे निवेशकों में भरोसे के अभाव का संकेत मिलता है। पिछले साल अक्टूबर में अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तर से बीएसई का सेंसेक्स 6.3 प्रतिशत गिरा […]

ताजा खबरें

ब्रोकरों ने की मांग, पैन-आधार को जोडऩे की समयसीमा बढ़े

परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) को आधार से जोडऩे की समयसीमा खत्म होने वाली है, ऐसे में देसी ब्रोकरेज फर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग निकाय ने बाजार नियामक सेबी से इसे तीन महीने आगे बढ़ाने की मांग की है। ब्रोकर व म्युचुअल फंड ट्रांसफर एजेंट के मुताबिक, लाखों डीमैट खाते व म्युचुअल फंडों के खातों […]

बाजार

जमानत अलग करने की समय सीमा बढ़ी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ग्राहकों को अलग करने एवं निगरानी ढांचे को लागू करने की समय सीमा को केवल दो महीने के लिए आगे बढ़ाया है। बाजार नियामक ने कहा हैकि नई व्यवस्था 2 मई से प्रभावी होगी औैर इसके तहत किसी ब्रोकर को ग्राहक स्तर पर जमानत (कोलेटरल) को अलग करना […]

बाजार

आम बजट पर ब्रोकरों का नजरिया

बजट 2022 के प्रस्तावों को ज्यादातर ब्राकरेज कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इन ब्रोकरों का मानना है कि सरकार ने मांग बढ़ाने के लिए पूंजीगत खर्च के जरिये पर्याप्त रियायत दी है। यहां इस बारे में विस्तार से बताया जा रहा है कि उन्होंने इस बजट को किस नजरिये से देखा है और वे […]