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लेख

आर्थिक बहाली का वाहक बनेगा यह बजट

जिस पृष्ठभूमि में यह बजट पेश किया गया है, उसे देखते हुए निर्मला सीतारमण को यह अनूठा अवसर मिला कि वह ऐसी चिंताओं के असर में आए बगैर इस मौके का भरपूर फायदा उठाती हुई नजर आ रही हैं। सरकार की इस बात के लिए तारीफ की जानी चाहिए कि महामारी के दौरान करों के […]

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वृद्धि और राजस्व बढ़ाने पर बड़ा दांव

बाजार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश बजट पर शानदार प्रतिक्रिया दी है। बाजार यह देखते हुए फूला नहीं समाया कि सरकार ने बजट में कर बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की है। बाजार को लग रहा था कि सरकार अति धनाढ्य लोगों पर कुछ अधिभार लगा सकती है। वैसे तो यह अच्छा कदम […]

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व्यापक यथास्थिति, कुछ सुधार

यदि महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर बात की जाए तो प्रथमदृष्टया बजट में कुछ खास बदलाव नहीं नजर आता। हां, सरकार के राजकोषीय रूढि़वाद और उसकी व्यय नीति तथा कई मोर्चों पर सुधार को लेकर उसकी सकारात्मक इच्छा में अवश्य परिवर्तन नजर आया। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका को लेकर व्यापक बदलाव, बीमा कंपनियों में विदेशी स्वामित्व […]

बजट

बही खाते में लिपटा टैबलेट

वित्त वर्ष 2021-22 का बजट अभी भी एक लाल मखमले बही खाते में लिपटा हुआ दिख रहा था लेकिन उसमें अंदर कोई कागज नहीं था। देश के इतिहास में पहली बार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक टैबलेट (संभवत: एक आईपैड) से अपने बजट भाषण को पढ़ा, जिसे उन्होंने एक मखमली बैग से सावधानी से […]

बजट

गांव और किसानों पर केंद्रित बजट: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट में आत्मनिर्भरता की दृष्टि है जो हर क्षेत्र में चौतरफा विकास की बात करता है और इसके दिल में गांव और किसान हैं। बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए […]

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बजट में जोखिम एवं अनिश्चितता कम करने पर रहे जोर

एक खास तरह के अर्थशास्त्रियों के लिए बजट सत्र कल्पना के घोड़ों को खुला छोड़ देने का वक्त होता है। लिहाजा दो बुरे खयालों को इतनी शिद्दत से रखा जा रहा है कि पिछले मौकों की तरह अच्छे लोग भी इन बुरे खयालों पर गौर करने की सोच रहे हैं। पहला गलत विचार एक ‘बैड […]

लेख

बजट में संतुलन जरूरी

गत शुक्रवार को संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में यह आशा जताई गई है कि अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में वापसी कर लेगी और चालू वर्ष में 7.7 फीसदी की गिरावट के बाद हम 11 फीसदी की वृद्धि दर हासिल कर लेंगे। महंगाई को समायोजित किए बगैर अर्थव्यवस्था में 15.4 फीसदी की दर […]

कंपनियां

पूंजीगत खर्च-केंद्रित क्षेत्रों के लिए सकारात्मक रहेगा बजट!

बीएस बातचीत बोफा सिक्योरिटीज के इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजिस्ट एवं सह-प्रमुख अमीश शाह ने समी मोडक के साथ साक्षात्कार में कहा कि सरकार बजट में राजकोषीय और मौद्रिक दोनों पर ध्यान देगी। उन्होंने बताया कि पूंजीगत खर्च, बैंक पुनर्पूंजीकरण और पीएसयू पुनर्गठन नीति पर बजट में ध्यान दिए जाने की जरूरत होगी। पेश हैं उनसे हुई […]

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बैंकिंग जगत होगा वृद्धि का वाहक, क्या बजट होगा इसमें सहायक?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिसंबर में औद्योगिक संगठनों को संबोधित करते हुए वादा किया कि केंद्रीय बजट में जीवंतता होगी, वह आर्थिक सुधार की दृष्टि से अहम होगा और इसमें बुनियादी क्षेत्र में सार्वजनिक व्यय को जारी रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक वृद्धि का इंजन बनने को तैयार है। एशिया […]

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बजट में पीड़ितों पर हो ध्यान

आमतौर पर वित्त मंत्री को पता होता है कि दरअसल दिक्कत कहां है। राजस्व कम है, घाटा बहुत अधिक बढ़ा हुआ है, मुद्रास्फीति का स्तर वह नहीं है जो होना चाहिए और न ही आर्थिक वृद्धि सही स्थिति में है। मंत्री को यह भी पता होता है कि अर्थव्यवस्था का कौन सा पहिया चरमरा रहा […]