दिसंबर में जीवन बीमा सेक्टर में अच्छी बढ़त देखने को मिली। प्राइवेट जीवन बीमा कंपनियों की इंडिविजुअल नई प्रीमियम आय (APE) सालाना आधार पर 20.3 फीसदी बढ़ी। वहीं सरकारी बीमा कंपनी LIC की इंडिविजुअल APE में 27.5 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि बीमा की मांग बनी हुई है और प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ LIC भी मजबूती से आगे बढ़ रही है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक इस वित्त वर्ष 2026 में अब तक प्राइवेट बीमा कंपनियों की नई बीमा बिक्री में हिस्सेदारी बढ़कर 72.6 फीसदी हो गई है। यह पिछले साल से करीब 2.3 फीसदी ज्यादा है। इस बढ़त में SBI लाइफ और एक्सिस मैक्स लाइफ का सबसे ज्यादा हाथ रहा। SBI लाइफ की हिस्सेदारी करीब 0.8 फीसदी और एक्सिस मैक्स लाइफ की करीब 0.6 फीसदी बढ़ी है।
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नुवामा का कहना है कि आगे चलकर बीमा पॉलिसियों पर GST की छूट से लोगों की मांग बढ़ेगी। लेकिन शॉर्ट टर्म में कंपनियों को एक दिक्कत झेलनी पड़ेगी, क्योंकि उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा नहीं मिलेगा, जिससे मुनाफा कम हो सकता है। इससे निपटने के लिए कंपनियों को पॉलिसी के दाम, काम करने के तरीके और बेचने के रास्तों में बदलाव करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुनाफे पर दबाव रहेगा, लेकिन SBI लाइफ पर इसका असर सबसे कम होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार HDFC लाइफ की नई बीमा बिक्री में अच्छी बढ़त देखने को मिली। कंपनी की इंडिविजुअल APE 9.2 फीसदी और ग्रुप बिजनेस 19.5 फीसदी बढ़ा, जिससे कुल कारोबार में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 10.9 फीसदी हो गई। नुवामा का कहना है कि आगे चलकर लिंक्ड पॉलिसी के साथ-साथ पारंपरिक और सुरक्षा से जुड़ी बीमा योजनाओं की मांग बढ़ सकती है। वहीं ICICI प्रूडेंशियल लाइफ की इंडिविजुअल APE में 4.3 फीसदी की बढ़त रही, लेकिन ग्रुप बिजनेस कमजोर रहने की वजह से कंपनी की कुल ग्रोथ ज्यादा मजबूत नहीं रही।
रिपोर्ट के मुताबिक एक्सिस मैक्स लाइफ ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी की कुल नई बीमा बिक्री (APE) 26 फीसदी बढ़ी, जिसमें सबसे बड़ा योगदान व्यक्तिगत बीमा कारोबार का रहा। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 7.1 फीसदी हो गई।
वहीं SBI लाइफ ने भी दिसंबर में शानदार नतीजे दिखाए। कंपनी की इंडिविजुअल APE 22.4 फीसदी बढ़ी और बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 18.6 फीसदी पहुंच गई।
बजाज लाइफ की इंडिविजुअल APE में 17.2 फीसदी की बढ़त रही, जबकि केनरा HSBC लाइफ ने 41 फीसदी से ज्यादा की तेज ग्रोथ दर्ज की। सरकारी बीमा कंपनी LIC ने भी दिसंबर में दमदार प्रदर्शन करते हुए इंडिविजुअल APE में 27.5 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी हासिल की, जिससे साफ है कि LIC की पकड़ अभी भी बाजार में मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट में नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने निवेश के लिहाज से HDFC लाइफ और SBI लाइफ को अपनी टॉप पिक बताया है। ब्रोकरेज ने दोनों शेयरों पर BUY की सलाह बरकरार रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक HDFC लाइफ के लिए 910 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है, जिसमें करीब 22 फीसदी की तेजी की संभावना जताई गई है। वहीं SBI लाइफ के लिए 2320 रुपये का टारगेट रखा गया है, जिसमें मौजूदा स्तर से करीब 11 फीसदी का अपसाइड दिखाया गया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।