घर के गहने बेचने का विपक्ष का आरोप कमजोर : सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में निजीकरण पर जोर दिए जाने को लेकर विपक्ष के परिवार के गहने बेचने के आरोप को रविवार को कमजोर करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले की सभी सरकारों ने विनिवेश किया है। उन्होंने कारोबारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए यहां कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने […]
क्या राजकोषीय विस्तार वाले बजट से बढ़ेगी महंगाई? विशेषज्ञ एकमत नहीं
राजकोषीय विस्तार करने वाले 2021-22 के बजट से महंगाई दर बढ़ेगी या नहीं, इस पर विशेषज्ञों व अर्थशास्त्रियों की अलग-अलग राय है। सरकार को भरोसा है कि ऐसा नहीं होगा, वहीं विशेषज्ञों की राय इस मसले पर एक दूसरे से अलग है। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन का मानना है कि इस […]
बजट को बड़ी निजी भागीदारी का भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि हालांकि वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय बढ़ाया गया है, लेकिन इसमें यह भी माना गया है कि निजी क्षेत्र की बड़ी भागीदारी रहेगी। उन्होंने बजट पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ वर्चुअल संवाद में शीर्ष सीईओ को संबोधित करते हुए कहा कि […]
बजट में पूंजीगत व्यय पर जोर से मुद्रास्फीति नहीं बढ़ेगी : व्यय सचिव
बीएस बातचीत व्यय सचिव टी वी सोमनाथन ने दिलाशा सेठ और इंदिवजल धस्माना को बताया कि कृषि बुनियादी ढांचा उपकर लगाए जाने के बावजूद 2021-22 में कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधान 2020-21 के संशोधित अनुमानों के मुकाबले अधिक नहीं है क्योंकि कुछ राज्य इस क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना-पीएम किसान में भागीदारी नहीं बनेे हैं। […]
बजट बढ़ाएगा उद्यमिता की भावना: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में नई पहल की गई है जो देश में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देगी। वित्त मंत्री ने गुरुवार को कहा कि बजट में ऐसे समय में संसाधन जुटाए गए हैं जब व्यय करने के लिए एक बड़ी रकम की जरूरत थी […]
मोबाइल फोन निर्माताओं ने अधिक सीमा शुल्क पर जताई चिंता
बजट में चीनी आयात पर भारत की निर्भरता घटाने के लिए सीमा शुल्क वृद्घि की गई है। इसे लेकर उद्योग के दो प्रमुख क्षेत्रों से अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। ये उद्योग हैं मोबाइल डिवाइस निर्माता और वाहन कलपुर्जा निर्माता। वैश्विक और भारतीय मोबाइल उपकरण निर्माताओं द्वारा इस प्रस्ताव का विरोध किया जा […]
बजट में नहीं दिखी रोजगार को बढ़ावा देने की मंशा
भारत सरकार देश में रोजगार को लेकर किसी भी तरह की समस्या को मानती ही नहीं है। पिछले कुछ दिनों में देश की आर्थिक स्थिति के बारे में आर्थिक समीक्षा एवं आम बजट के रूप में दो अहम बयान सामने आए हैं। लेकिन इन दोनों में यह नहीं माना गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 […]
बजट में परिवर्तन स्पष्ट लेकिन क्या होगा पर्याप्त?
आर्थिक नीति के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती निजी निवेश में आया धीमापन है। सरकारी बैंकों के निजीकरण और बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ाने के प्रस्ताव इस दिशा में नई प्रतिबद्धता जताते हैं। राजकोषीय पारदर्शिता के क्षेत्र में भी प्रगति हुई है और कल्याणकारी पहलों और कर दरों में इजाफे पर अंकुश लगा […]
एक और केंद्रीय बजट ने कुछ साल पहले शुरू हुए संरक्षणवाद को मजबूती दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सीमा शुल्क नीति में ‘घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन एवं वैश्विक मूल्य शृंखला में भारत को जगह दिलाने में मदद का जुड़वां उद्देश्य होना चाहिए।’ लेकिन ये जुड़वां उद्देश्य परस्पर एक-दूसरे […]
विलय व अधिग्रहण की लागत बढ़ेगी
बजट में की गई घोषणा के बाद विलय व अधिग्रहण के सौदे महंगे हो जाएंगे क्योंकि सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि गुडविल (मौजूदा गुडविल समेत) टैक्स डेप्रिसिएशन का पात्र नहीं होगा। गुडविल पर संशोधन हालांकि पिछली तारीख से होगा, ऐसे में पिछले किसी गुडविल पर डेप्रिसिएशन (विगत में आंशिक तौर पर जिसका दावा किया […]