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घर के गहने बेचने का विपक्ष का आरोप कमजोर : सीतारमण

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:37 AM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में निजीकरण पर जोर दिए जाने को लेकर विपक्ष के परिवार के गहने बेचने के आरोप को रविवार को कमजोर करार दिया।
उन्होंने कहा कि पहले की सभी सरकारों ने विनिवेश किया है। उन्होंने कारोबारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए यहां कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने तो एक बार में एक कंपनी बेचने के बजाय इस बारे में स्पष्ट नीति तैयार की है, कि किन कंपनियों का विनिवेश किया जाना चाहिए और किन रणनीतिक क्षेत्रों को नहीं छुआ जाना चाहिए। बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के 2 बैंकों और एक सरकारी बीमा कंपनी को बेचने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्ष लगातार इसकी आलोचना कर रहा है। विपक्ष ने इसे परिवार के गहने बेचना करार दिया है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘जो विपक्ष का आरोप है कि घर के गहने बेचे जा रहे हैं, ऐसा नहीं है। घर के जेवर को ठोस बनाया जाता है, इसे हमारी ताकत होनी चाहिए। चूंकि आपने इतने खराब तरीके से इनपर खर्च किया कि इनमें से कई चल पाने में सक्षम नहीं हैं। कुछ ऐसे हैं, जो बेहतर कर सकते हैं, लेकिन उनके ऊपर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।’
उन्होंने कहा कि अतीत के समाजवादी मुहर वाले सुधारों के बाद भी कारोबार बाधित हुआ। कई सरकारी कंपनियां ऐसी हैं, जिनके पास पेशेवर विशेषज्ञता की कमी है। अभी कुछ सरकारी कंपनियां ऐसे क्षेत्रों में कारोबार कर रही हैं, जो रणनीतिक लिहाज से महत्त्वपूर्ण नहीं हैं।    वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इस नीति के माध्यम से ऐसे उपक्रमों को सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा, ‘आपको उन्हें बड़े पैमाने पर ले जाने की आवश्यकता है।’
जरूरत हुई तो मनरेगा पर खर्च बढ़ाएगी सरकार
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ती है, तो सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) कार्यक्रम के तहत खर्च बढ़ाने से हिचकिचाएगी नहीं। ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पूर्व में गरीबों तथा समाज के कमजोर तबके के हित में कई कदम उठाए हैं।  वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में मनरेगा खर्च घटाने के कांग्रेस के आरोप पर ठाकुर ने कहा कि सरकार इस पर खर्च बढ़ा रही है। उनकी तरह संशोधित अनुमान के चरण में इसमें कटौती नहीं कर रही है।

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First Published - February 7, 2021 | 11:28 PM IST

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