सूत्रांे ने कहा कि स्टील अथारिटी आफ इंडिया :सेल: उस समय तक इसमें निवेश नहीं करेगी जब तक कि संयंत्र स्थल की जमीन को अवैध कब्जांे से मुक्त नहीं कराया जाता।
आधिकारिक सूत्रांे ने कहा, हमने उर्वरक मंत्रालय तथा फर्टिलाइजर कारपोरेशन से कहा है कि सेल को आवंटित करने से पहले इस भूमि से अतिक्रमण हटाए जाएं। ऐसा होने तक सेल द्वारा सिंदरी इकाई मंे निवेश की संभावना नहीं है।
पूर्व मंे सिंदरी इकाई :झारखंड: का पुनरोद्धार इस वजह से अटका था क्यांेकि नकारात्मक नेटवर्थ की वजह से औद्योगिक एवं वित्तीय पुनर्गठन बोर्ड :बायफर: फर्टिलाइजर कारपोरेशन की जांच कर रहा था।
हालांकि जून मंे फर्टिलाइजर कारपोरेशन बायफर से दायरे से बाहर आ गया, क्यांेकि सरकार ने मंत्रिमंडल के उस फैसले से संंबंधित दस्तावेज जमा कराए जिसमंे इस घाटे मंे चल रही कंपनी का 10,000 करोड़ रपये का रिण और ब्याज माफ करने की मंजूरी दी गई।
सिंदरी इकाई को फिर खड़ा करने के लिए सेल ने पूर्व मंे 11.5 लाख टन सालाना क्षमता का नया उर्वरक संयंत्र, 56 लाख टन सालाना क्षमता की नई स्टील मिल तथा 1,000 मेगावाट का बिजली संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी। इस पर कुल 35,000 करोड़ रपये का निवेश किया जाना था।