जैसलमेर जिले में उपनिवेशन विभाग ने भू आवंटियों को पट्टे जारी कर दिये है, लेकिन लापरवाही के कारण आवंटियों को अभी तक भौतिक रूप से भूमि का कब्जा नहीं मिला है।
छत्रेल निवासी रायधनखां को उपनिवेशन कार्यालय ने जमीन आवंटित की। राजस्व रिकार्ड में उसके नाम जमीन दर्ज कर दी, लेकिन उसे अभी तक उसे भूमि का कब्जा नहीं दिया गया है। कमाबेश आकल निवासी हुकुम सिंह को भी इसी स्थिति से सामना करना पड़ रहा है। उप निवेशन विभाग ने सिंह को 1998 में जमीन आवंटित की थी, जिसकी अंतिम किस्त 13 नवम्बर 09 को भर दी। मगर आज तक कब्जा नहीं दिया गया।
राजस्थान के उपनिवेशन मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि पट्टे जारी करने में पद रिक्तता आडे़ आ रही है। अतिशीघ्र पद भरने के बाद पट्टे जारी कर दिए जाएंगे। हालांकि, जमीन नहीं मिलने या कब्जा नहीं मिलने की शिकायत उनके पास नहीं आई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवायी जायेगी।
जुहडी निवासी नूरा के नाम की जमीन पर किसी अन्य का कब्जा है और वह हर दूसरे-तीसरे दिन उपनिवेशन कार्यालय के चक्कर काट रहा है। यह हालत इनके जैसे सैंकडों गरीब किसानों की है, जिन्हें उपनिवेशन कार्यालय से जमीन आवंटित तो है, लेकिन किसी को कब्जा नहीं मिला। नहरी क्षेत्र में जमीन मिलने का सपना संजोये बैठे जिले के सैंकडों भूमिहीन किसानों के सपने धूमिल हो रहे हैं।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार उपनिवेशन विभाग की ओर से रायधन खां, हुकुम सिंह और नूरा के नाम सालों पहले जमीन आवंटित करने की घोषणा हुई थी। इसके बाद इन किसानों ने किश्तें जमा करवा दी, लेकिन अभी तक भूमि का कब्जा नहीं दिया गया है।