डिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’क्या खत्म हो रहा है स्थायी दोस्ती का दौर? ट्रंप की नीतियों ने हिला दी वैश्विक गठबंधनों की बुनियाद2026 में भारत का ट्रेड एजेंडा: द्विपक्षीय समझौतों से आगे बढ़कर वैश्विक व्यापार धुरी बनने की तैयारीEditorial: डेटा सेंटर को बिजली देना जरूरी, AI में लीडरशिप ऊर्जा आपूर्ति के नियंत्रण पर टिकीRBI गवर्नर को भरोसा: भारत की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत, बाहरी मोर्चे पर भी देश पूरी तरह सुरक्षितPSL वर्गीकरण विवाद पर RBI का रुख साफ: यह बैंकों का व्यक्तिगत मसला, पूरी व्यवस्था के लिए खतरा नहींसोने की कीमतों में उछाल से बढ़ा गोल्ड लोन का ग्राफ, RBI ने कहा: एसेट क्वालिटी पर कोई खतरा नहींREITs को मिली बैंक ऋण की मंजूरी: फंड जुटाना होगा आसान, कमर्शियल संपत्तियों का होगा विस्तार
अन्य समाचार अदालत ने शरीफ से लापता लोगों को पेश करने या खुद पेश होने को कहा
'

अदालत ने शरीफ से लापता लोगों को पेश करने या खुद पेश होने को कहा

PTI

- November,27 2013 12:43 PM IST

लाहौर, 27 नवंबर :भाषा: पाकिस्तान की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 35 लापता लोगों को कल तक पेश करने या गंभीर परिणाम भुगतने के लिए अदालत में स्वयं पेश होने का आदेश दिया है।

उच्चतम न्यायालय लाहौर रजिस्ट्री में लापता लोगों के एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी, न्यायमूर्ति जवाद एस ख्वाजा और न्यायमूर्ति आमिर हानी मुस्लिम ने कल लापता लोगों को पेश करने में रक्षा अधिकारियों के नाकाम रहने के बाद यह आदेश दिया।

ऐसा बताया जा रहा है कि लापता लोग खुफिया एजेंसियों की हिरासत में हैंं। उन्हें आंंतकी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण हिरासत में रखा गया है।

अदालत ने इस संबंध में पहले रक्षा सचिव को समन जारी किया था।

अतिरिक्त महाधिवक्ता तारिक खोखर ने अदालत को बताया कि रक्षा सचिव को चिकित्सकीय आराम करने की सलाह दी गई है इसलिए वह अदालत में पेश नहीं हो सके। उन्होंने लापता लोगों को पेश करने के लिए अधिकारियों को और समय दिए जाने की मांग की।

खंडपीठ ने इसके बाद पूछा, रक्षा मंत्री कौन है।

कानून अधिकारी ने उत्तर दिया कि प्रधानमंत्री ही इस पद का कार्यभार संभाल रहे हैं।

न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा, सेना के 35 लोगों को हिरासत में रखने के संबंध में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं इसलिए सेना उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने के लिए बाध्य है और किसी के पास उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि ये लोग अब लापता नहीं है क्योंकि उनकी हिरासत का पता लग गया है।

जारी भाषा

11271221 दि

नननन

संबंधित पोस्ट

Oil Price Surge
अंतरराष्ट्रीय

‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

February 6, 2026 9:22 AM IST