इन राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री को दिए एक ग्यापन में कहा, भूषण स्टील के अधिकारियों ने तथ्यों की लीपापोती करने की कोशिश की है। यहां तक कि अधिकारी संयंत्र में आग लगने के समय उपस्थित कर्मचारियों की वास्तविक संख्या उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं।
सरकारी अधिकारी, पुलिस, मीडिया, राजनेता, ट्रेड यूनियन के लोगों को संयंत्र के अंदर जाने से रोक दिया गया था। मीडिया रपटों में कहा गया है कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक को संयंत्र परिसर में घुसने की अनुमति नहीं दी गई।