मास्को, 21 अक्तूबर :भाषा: तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम :ओएनजीसी: आर्कटिक अपतटीय क्षेत्र में उत्खनन करना चाहती है जबकि दोनों देश रूस से हाइड्रोकार्बन को भारत भेजने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य के अनुसार ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने े आर्कटिक क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन के उत्खनन में रूसी कंपनियों के साथ भागीदारी करने में रचि दिखाई है। े
ओएनजीसी विदेश यानी ओवीएल, ओएनजीसी की विदेश शाखा है। ओवीएल की सखालीन-1 तेल एवं गैस परियोजना में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी पहले से ही है।
बयान में कहा गया है, े दोनों पक्षों ने जमीन मार्ग के जरिए रूस से हाइड्रोकार्बन की भारत को सीधे ढुलाई की संभावना तलाशने पर भी सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने इस बारे में संयुक्त अध्ययन समूह गठित करने पर सहमति जताई। े
दोनों पक्षों ने रूसी एलएनजी की भारत को आपूर्ति की महत्ता पर भी सहमति जताई।
भाषा