यह पूछने पर कि क्या वह छुप रहे थे, जोशी ने कहा, मेरे छुपने की खबरें भी अफवाह उड़ाने वालों की योजना का हिस्सा थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मैं छुपा नहीं था। मैं मेरे कोहिनूर समूह के खानपान प्रशिक्षण संस्थान में था। मेरा परिवार मेरे साथ था। मेरा तीन वर्षीय पोता अर्णव मेरे साथ था। मेरे छुपने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
जोशी ने कहा, मैंने कल उन्हें : उद्धव को: पत्र भेजा था ताकि उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चल सके। माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैंने जो कहा उसमें कुछ भी झूठ नहीं था। यदि तथ्य बताना अपराध है तो निश्चित ही मैंने अपराध किया है।
यह पूछे पर कि उन्होंने पत्र में क्या लिखा था, जोशी ने कहा कि वह विषय वस्तु के बारे में नहीं बताएंगे क्योंकि यह उनके और उद्धव के बीच हुई बातचीत है।
जोशी ने कहा कि उन्होंने उद्धव को पत्र इसलिए लिखा क्योंकि शिव सेना प्रमुख को यह बताना उनका कर्तव्य था कि रैली में हुई घटना को लेकर उन्होंने क्या महसूस किया।
जोशी ने रैली में हुए व्यवहार के बारे में कहा, मुझे बुरा लगा। ऐसा नहीं होना चाहिए था।