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टेक्जेनसिया : देसी स्टार्टअप की जूम को चुनौती

टीई नरसिम्हन /  August 26, 2020

केरल के आलपुड़ा जिले के जॉय सेबस्टियन ने जब 25 साल पहले एक सरकारी स्कूल से उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी की थी, तो वह शिक्षक बनना चाहते थे। उन्हें गणित और विज्ञान का जुनून था। अपने बेशुमार सपनों में भी 44 वर्षीय सेबस्टियन ने कभी यह नहीं सोचा था कि वह एक दिन खुद को राष्ट्रीय केंद्र के मंच पर पाएंगे। वह और उनकी कंपनी टेक्जेनसिया एक विश्व स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान विकसित करने और ज़ूम से मुकाबले की चुनौती जीतने के लिए चर्चा में है। यह वीकन्सोल ज़ूम, गूगल मीट, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स जैसे उन प्लेटफार्मों का भारतीय समाधान है जिन्होंने इस अभूतपूर्व समय में दुनिया को जोड़ रखा है।

सेबस्टियन की 10 साल पुरानी कंपनी ने इस तरह का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान विकसित करके हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का डिजिटल इंडिया ग्रैंड चैलेंज पुरस्कार जीता है। इस पुरस्कार का मतलब यह है कि टेक्जेनसिया को एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के अलावा परिचालन और रखरखाव के लिए अगले तीन वर्षों के दौरान 10 लाख रुपये मिलेंगे। और वीकन्सोल को केंद्र सरकार के कार्यालयों में स्थापित किया जाएगा।

वीकन्सोल 80 सक्रिय और 300 निष्क्रिय प्रतिभागियों को संभाल सकती है। फिलहाल यह ऐप अंग्रेजी, जो इस चुनौती के लिए जरूरी थी, के अलावा आठ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। आगे चलकर कंपनी इसमें और अधिक भाषाओं को जोडऩा चाह रही है।

सेबस्टियन के लिए यह जश्न मनाने का पल है। उनके पृष्ठभूमि बहुत सादी है। उनके पिता एक मछुआरे थे और मां गृहिणी थी। स्कूल खत्म करने के कुछ साल बाद उन्होंने वर्ष 1996 में कंप्यूटर विज्ञान पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। असल में तब पहली बार उनका सामना किसी कंप्यूटर से हुआ था।

कॉलेज के बाद वर्ष 2000 में उन्होंने कोच्चि में एवनीर नामक कंपनी में नौकरी कर ली। यह कंपनी केरल के एक अनिवासी भारतीय द्वारा वित्त पोषित थी जो अमेरिका में बसा हुआ था। सेबस्टियन को उस टीम को सौंप दिया गया था जो एक ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान विकसित कर रही थी। दुर्भाग्य से संपर्क की दिक्कत के कारण यह परियोजना ज्यादा नहीं चल पाई। हालांकि वह कहते हैं कि यह समाधान प्रभावी था। अंतत: यह कंपनी बंद हो गई।

करीब एक दशक बाद वर्ष 2009 में जब भारत में दूरसंचार क्षेत्र जोर पकड़ रहा था, तब उसी निवेशक ने सेबस्टियन से इस परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए संपर्क किया। इस तरह टेक्जेनसिया सॉफ्टवेयर टेक्नॉलोजीज का जन्म हुआ।

इन वर्षों के दौरान सेबस्टियन और 65 लोगों की उनकी टीम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए समाधान विकसित किए जिनका उपयोग विभिन्न देशों में कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। उदाहरण के लिए नॉर्वे स्थित एक प्रमुख सम्मेलन सेवा प्रदाता ईजीमीटिंग एचडी वीडियो के लिए टेक्जेनसिया के इंजन का उपयोग कर रही है। अमेरिका स्थित कीपुरा और आयरलैंड की एक कंपनी भी इनमें शामिल है। उनका कहना है कि कुल मिलाकर वे भारत और विदेशों में छह कंपनियों को सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं जिससे 15 लाख डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है।

टेक्जेनसिया भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों में अपनी उपस्थिति में विस्तार करने के लिए दृढ़ संकल्पी है और यह विशेष रूप से बी2बी (बिजनेस-टु-बिजनेस) पर ध्यान दे रही है।

सेबस्टियन कहते हैं कि हम अनुकूल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान के साथ उद्यम बाजार में जाना चाहेंगे। हो सकता है हम किसी और समाधान के साथ सार्वजनिक बाजार में जाएं जिसका इस्तेमाल केवल इसे डाउनलोड करके ही किया जा सके। वह कहते हैं कि बी2बी में सीधा ध्यान टेलीमेडिसन, ऑनलाइन शिक्षा, खुदरा, ईआरपी समाधान, दूरसंचार प्रदाताओं और अन्य क्षेत्रों की ओर है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2022 के अंत तक लगभग एक करोड़ डॉलर के राजस्व स्तर तक पहुंचना है। कंपनी अपने डेटा सेंटर और होस्टिंग समाधान का विकास कर रहा है।

यह पूछने पर कि वीकन्सोल की प्रमुख विशेषता और इसकी बिक्री की क्या खास बात है, वह कहते हैं - वीडियो और ऑडियो की गुणवत्ता तथा सुरक्षा समाधान। उनका कहना है कि यह सब तो है ही साथ-साथ मूल्य निर्धारण भी अन्य समाधान प्रदाताओं के बराबर ही है।

सेबस्टियन ने बताया कि अलबत्ता फिलहाल वीकन्सोल मुफ्त नहीं होगी। संभवत: एक सप्ताह के इसके मुफ्त परीक्षण के बाद इसके विनिर्माण और विपणन में शामिल लागत के करण इसके लिए पैसा चुकाना होगा।

वह वादा करते हैं कि इसका शुल्क ज्यादा नहीं होगा। वह कहते हैं कि हम पर्याप्त निवेश के लिए संसाधन खोज रहे हैं जिससे हमारे ग्राहक बढ़ सकते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि मार्च 2021 तक दुनिया भर के 10 लाख उपयोगकर्ता मिल जाएंगे। इस महामारी द्वारा दुनिया को अपने शिकंजे में लेने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग साधनों की मांग आसमान छू रही है। खबरों के अनुसार वर्ष 2024 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का वैश्विक बाजार 9.55 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें वर्ष 2020-2024 की अवधि के दौरान 9.93 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के आसार हैं। इस कारोबार में आने का यह अच्छा समय है और सेबस्टियन यह बात जानते हैं।

Keyword: Techgentsia, Startup, Zoom, Joy Sebastian, Vconsole, Google Meet, Microsoft Teams,
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