facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

Vice President Election: कौन हैं  पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी, जिन्हें विपक्षी INDIA गठबंधन ने बनाया अपना उम्मीदवार?

Advertisement

उनका मुकाबला एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से होगा। यह चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा।

Last Updated- August 19, 2025 | 6:07 PM IST

आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। उनका मुकाबला एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से होगा। यह चुनाव 9 सितंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा।

79 वर्षीय बी. सुदर्शन रेड्डी भारत के न्यायपालिका में एक सम्मानित नाम हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।

  • उन्होंने 1971 में अपने वकालत जीवन की शुरुआत की। 
  • आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील (Government Pleader) के रूप में भी सेवाएं दीं।
  • वर्ष 1995 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
  • दिसंबर 2005 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
  • जनवरी 2007 में वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और 8 जुलाई 2011 को सेवानिवृत्त हुए।

न्यायमूर्ति रेड्डी उस्मानिया विश्वविद्यालय के विधिक सलाहकार और स्थायी वकील भी रह चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद, मार्च 2013 में वे गोवा के पहले लोकायुक्त नियुक्त हुए, लेकिन निजी कारणों से सात महीने में ही पद से इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में, वे हैदराबाद स्थित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ में सदस्य हैं।

Also Read: Cabinet Decisions: राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र को सौगात, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकास के लिए 1507 करोड़

यह निर्णय मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर विपक्षी दलों की बैठक के बाद लिया गया। बैठक के बाद खड़गे ने कहा, “सभी विपक्षी दलों ने मिलकर एक साझा उम्मीदवार चुना है। यह लोकतंत्र और संविधान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बी. सुदर्शन रेड्डी गरु भारत के सबसे सम्मानित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनके फैसलों में गरीबों और वंचितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकती है।” गठबंधन की ओर से 21 अगस्त को नामांकन पत्र दाखिल किया जाएगा।

इससे पहले रविवार को एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था।

  • राधाकृष्णन कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। 
  • वे भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 
  • उन्हें वर्ष 2023 में महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। 

भारत का उपराष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों द्वारा गुप्त मतदान (secret ballot) के माध्यम से चुना जाता है। यह पद देश में दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है, जो राज्यसभा के सभापति की भूमिका भी निभाता है।

 

उप-राष्ट्रपति पद के NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को लेकर आई राजनैतिक दलों की प्रतिक्रिया 

Advertisement
First Published - August 19, 2025 | 6:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement