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Cabinet Decisions: राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र को सौगात, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकास के लिए ₹1507 करोड़ 

वर्तमान में कोटा में AAI के स्वामित्व वाला एक छोटा एयरपोर्ट मौजूद है, जो 50 यात्रियों और छोटे विमानों के लिए ही है। 

Last Updated- August 19, 2025 | 4:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹1507 करोड़ की लागत से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह एयरपोर्ट एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा विकसित किया जाएगा और कोटा की तेजी से बढ़ती यात्री और औद्योगिक मांग को पूरा करेगा।

चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा को राजस्थान की औद्योगिक राजधानी के रूप में जाना जाता है। इसके साथ ही कोटा भारत का शैक्षणिक कोचिंग हब भी है, जहाँ देशभर से लाखों छात्र IIT, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इस तरह, कोटा एक ऐसा शहर बन चुका है जिसे विश्वस्तरीय हवाई संपर्क की अत्यधिक आवश्यकता है।

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इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए राजस्थान सरकार ने AAI को 440.06 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित कर दी है। इस परियोजना में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं शामिल होंगी:

  • टर्मिनल भवन: 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला भवन, जो 1000 पीक ऑवर यात्री (PHP) और 2 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (MPPA) को संभालने की क्षमता रखेगा। 
  • रनवे: 3200 मीटर x 45 मीटर का रनवे (11/29), जो A-321 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगा।
  • एप्रन: 7 विमानों की पार्किंग क्षमता वाला एप्रन।
  • टैक्सीवे: दो लिंक टैक्सीवे।
  • एटीसी एवं तकनीकी भवन, फायर स्टेशन, कार पार्किंग, और अन्य सहायक सुविधाएं।

यह अत्याधुनिक एयरपोर्ट कोटा क्षेत्र के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास का नया प्रवेश द्वार बनेगा।

वर्तमान में कोटा में AAI के स्वामित्व वाला एक छोटा एयरपोर्ट मौजूद है, जिसमें:

  • 1220 मीटर x 38 मीटर का रनवे (08/26) है, जो केवल कोड ‘B’ विमानों (जैसे DO-228) के लिए उपयुक्त है।
  • एप्रन केवल दो छोटे विमानों को संभाल सकता है।
  • टर्मिनल भवन सिर्फ 400 वर्गमीटर का है, जो 50 पीक ऑवर यात्रियों की ही क्षमता रखता है।

शहरीकरण और भूमि की कमी के कारण वर्तमान हवाईअड्डे को व्यावसायिक उड़ानों के लिए विस्तारित नहीं किया जा सकता।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से:

  • कोटा और आसपास के क्षेत्रों को प्रत्यक्ष हवाई संपर्क मिलेगा। 
  • छात्रों, उद्योगपतियों और पर्यटकों को सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
  • क्षेत्रीय उद्योगों, विशेष रूप से कोटा स्टोन, टेक्सटाइल, फर्टिलाइज़र और कोचिंग संस्थानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
  • राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) प्रवक्ता ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी की ‘विकसित भारत @2047’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की सोच को具 मूर्त रूप देती है, जहाँ छोटे शहरों को भी वैश्विक स्तर की बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना राजस्थान की आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल है। यह न केवल क्षेत्र को देश और दुनिया से जोड़ेगा, बल्कि कोटा को एक वैश्विक शिक्षा, औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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First Published - August 19, 2025 | 4:14 PM IST

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