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मुंबई में हिंसा का राज, कारोबारी परेशान

Last Updated- December 08, 2022 | 1:02 AM IST

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की गिरफ्तारी के दूसरे दिन भी मुंबई सहित राज्य केविभिन्न हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं होती रहीं।


राज समर्थकों के आतंक से आमआदमी के साथ- साथ कारोबारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। हांलाकि पुलिस की सख्ती के चलते हालात काबू में रहे। मनसे का गढ़ माने जाने वाले दादर इलाके में स्टेशन के बाहर टैक्सी स्टैंड में खड़ी करीबन 20 टैक्सियों में तोड़ फोड की गई।

अंटॉप हिल में तीन टैक्सियों को आग के हवाले कर दिया गया। मुंबई में 200 से ज्यादा बसों और 150 टैक्सियों में तोड़फोड़ की कई। इन घटनाओं में कई लोग जख्मी भी हो गए। तोड़फोड़ का सबसे ज्यादा असर कल्याण में रहा। वहां कई दुकानों में आग लगा दी गई और कुछ में लूटपाट की गई।

इस वजह से वहां के ज्यादातर दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद कर दी। राज ठाकरे समर्थकों  का कहर मीडियाकर्मियों पर भी टूटा। कई समाचार चैनलों की गाड़ियां और ओवी वैनों पर हमला किया गया जिससे समाचार चैनलों को भी लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

 परेशान पुलिस प्रशासन ने हालात में काबू करने के लिए कल्याण में 11 बजे सुबह केबाद कर्फ्यू लगा दिया। इसके बावजूद कई बार राज ठाकरे समर्थकों ने कर्फ्यू तोड़ कर आगजनी और लूटपाट करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती केवजह से उनके मंसूबे ज्यादा सफल नहीं हुए। दहशत और डर केमाहौल से कारोबारियों का कारोबार लगभग ठप सा रहा।

मनसे के गढ़ दादर में दुकानदारों ने डर से अपनी दुकानें नहीं खोली और जिन लोगों ने खोलना भी चाहा, उनको मनसे कार्यकर्ताओं ने जबरन बंद करवा दिया।इस बीच राज ठाकरे को कल्याण की अदालत ने दंगे भड़काने के आरोप में 5 नवंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुना दिया, लेकिन फैसले के बाद राज के वकीलों ने उनकी जमानत की अर्जी अदालत में दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने 15 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। रेलवे पुलिस के मामले में भी अदालत ने 24 अक्टूबर तक अग्रिम जमानत दे दी है।

नुकसान की भरपाई पर अध्यादेश जारी

आंदोलनकारियों पर नकेल कसने और सूबे के कारोबारियों के अंदर बैठे डर के माहौल को समाप्त करने के मकसद से राज्य सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर कहा कि नुकसान करने वाले लोगों को नुकसान की भरपाई करनी होगी वह भी दोगुनी।

सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने वालों को 6 महीने की सजा का प्रावधान किया गया है और हर्जाने की राशि को  2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया है। इस अध्यादेश को सरकार ने पास करके राज्यपास के पास विचार के लिए भेज दिया है।

आतंक से आम आदमी के साथ-साथ कारोबारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी

कल्याण में कई दुकानों में आग लगा दी गई और वहां लूटपाट की घटनाएं हुईं

अध्यादेश के तहत नुकसान करने वालों को दुगनी भरपाई  करनी होगी

First Published - October 22, 2008 | 9:29 PM IST

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