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‘दिल्ली सरकार किसी तरह संभाल रही हालात’

Last Updated- December 11, 2022 | 7:25 PM IST

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दावा किया कि कई बिजली संयंत्रों में सिर्फ एक दिन का कोयला भंडार बचा है और राष्ट्रीय राजधानी में विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है। मु यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हालात को किसी तरह संभाला जा रहा है। मु यमंत्री ने कहा कि देश के सामने विद्युत संकट के समाधान के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि पर्याप्त सं या में रेल डिब्बों की अनुपलब्धता के कारण कोयले की ‘बेहद कमी’ है। अगर बिजली संयंत्र बंद हो जाते हैं तो आपूर्ति में ‘कठिनाई’ हो सकती है।
दूसरी ओर एनटीपीसी ने अपने संयंत्रों में कोयले की कमी के दिल्ली सरकार के दावों के जवाब में एक ट्वीट में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले ऊंचाहार और दादरी बिजली स्टेशन पूरी क्षमता से चल रहे हैं और ‘नियमित’ कोयले की आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं। एनटीपीसी ने ट्वीट किया, ‘दादरी की सभी छह इकाइयां और ऊंचाहार की पांच इकाइयां पूरी क्षमता से चल रही हैं और नियमित कोयला आपूर्ति प्राप्त कर रही हैं। वर्तमान भंडार क्रमश: 1,40,000 टन और 95,000 टन है और आयातित कोयले की आपूर्ति भी होने वाली है।’
केजरीवाल ने हालांकि दावा किया कि पूरे देश में बिजली की स्थिति बेहद गंभीर है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘देश भर में बिजली की भारी समस्या हो रही है। अभी तक दिल्ली में हम किसी तरह से प्रबंधन कर रहे हैं। पूरे भारत में स्थिति बेहद गंभीर है। हम सबको मिलकर जल्द ही इसका समाधान निकालना होगा। इस समस्या से निपटने के लिए त्वरित ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।’  जैन ने कहा कि कोयले की ‘भारी कमी’ का मु य कारण पर्याप्त सं या में रेल डिब्बों की कमी है। उन्होंने कहा कि रेल डिब्बों की सं या बढ़ाने के बजाय 450 से घटाकर 405 कर दी गई है।
सरकार के पास क्या योजना है: कांग्रेस
कांग्रेस ने बिजली की कटौती को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘मौन’ रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढऩे की स्थिति से निपटने के लिए उसकी क्या योजना है। मु य विपक्षी पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार कोयले की कमी के लिए भी राज्यों पर जि मेदारी डाल रही है। कांग्रेस के मु य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘आग बरसाती गर्मी..12 घंटे के बिजली कट..प्रधानमंत्री मौन, बिजली-कोयला मंत्री गुम! जबाब दें कि देश में 72,074 मेगावाट क्षमता के संयंत्र बंद क्यों हैं? देश के 173 बिजली संयंत्रों में से 106 संयंत्रों में कोयला 25 प्रतिशत तक ही बचा है? कोयले की मांग रोज 22 लाख टन है, तो आपूर्ति 16 लाख टन ही क्यों है?’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या उन्हें देश और जनता की फिक्र नहीं है। उन्होंने सवाल किया, ‘मोदी जी, आपको देश और जनता की फिक्र नहीं है क्या?’  
बिजली कटौती से जनता झुलस रही: सपा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश की जनता झुलस रही है। यादव ने कहा कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और गर्मी बढऩे के साथ बिजली संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुद भाजपा के विधायकों और राज्यमंत्री तक ने इस संबंध में ऊर्जा मंत्री और प्रबंध निदेशक पावर कारपोरेशन को पत्र लिखे हैं।  
‘मंत्रालयों के बीच तालमेल का अभाव’
बिजली इंजीनियरों के संगठन ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने शुक्रवार को दावा किया कि रेलवे और विद्युत मंत्रालयों के बीच तालमेल के अभाव से कोयले की कमी हुई। फेडरेशन ने एक बयान में कहा, ‘कोयला की कमी के कारण देश भर में बिजली कटौती की वजह कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के बीच तालमेल की कमी है। हर मंत्रालय दावा कर रहा है कि वे बिजली क्षेत्र में मौजूदा गड़बड़ी के लिए जि मेदार नहीं हैं।’ फेडरेशन के प्रवक्ता वी के गुप्ता ने कहा कि अब केंद्र सरकार के मंत्रालयों ने इस मुद्दे को दूसरा रुख दे दिया है और इसे राज्यों की कोयला कंपनियों को समय पर भुगतान करने में असमर्थता से जोड़ा है। बयान के अनुसार केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण देश भर में 173 तापीय बिजलीघरों पर नजर रखता है। 7 अप्रैल की दैनिक कोयला रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 106 बिजलीघरों में ईंधन का भंडार गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।
पंजाब में किसानों का प्रदर्शन
विभिन्न किसान समूहों ने कृषि क्षेत्र को कथित रूप से अपर्याप्त बिजली आपूर्ति के खिलाफ शुक्रवार को पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह के आवास के निकट विरोध प्रदर्शन किया। मंत्री के न्यू अमृतसर क्षेत्र में स्थित घर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने कहा कि ‘किसान मजदूर संघर्ष समिति’ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सिंह के आवास तक पहुंचने के लिए बैरिकेड तोडऩे की कोशिश की और इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई। उन्होंने बताया कि झड़प में कोई घायल नहीं हुआ। पंजाब में विपक्षी दलों ने भीषण गर्मी के बीच राज्य में कई जगहों पर बिजली कटौती को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर गुरुवार को निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह चौबीस घंटे बिजली देने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है।       

First Published - April 30, 2022 | 1:15 AM IST

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