विकास की बयार हर किसी के लिए अच्छी नहीं होती है। दिल्ली के तांगेवाले इस हकीकत को अच्छी तरह से समझते हैं। कभी शान की सवारी कही जाने वाली दिल्ली की घोड़ागाड़ी अब अपने अवसान के दौर से गुजर रही है। घोड़ागाड़ी के लिए कम सवारी और मामूली मुनाफे की वजह से ही अब कमाई […]
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बैंकों की बढ़ी ब्याज दरों और निवेशकों की बेरुखी से लगभग पूरे देश के भवन निर्माता ग्राहकों के लिए तरसते नजर आने लगे है। यही कारण है कि नए भवनों के निर्माण में कमी आ गई है। यह बात मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में आने वाले प्रस्तावों से साफ हो जाती है, लेकिन दूसरी ओर […]
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बीते वर्षो के दौरान छत्तीसगढ़ ने ताबड़तोड़ निवेश समझौते कर साथी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। तो क्या अब राज्य में और निवेश जुटाने की क्षमता नहीं रह गई है? तेज औद्योगीकरण से उपजी समस्याओं से किस तरह से निपटा जा रहा है और छोटे और मझोले कारोबारियों को बचाने के लिए राज्य की […]
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उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई पर्यटन नीति की तैयारी में जुटी है। यह उम्मीद की जा रही है कि नई नीति के तहत निजी निवेशकों को छूट दी जाएगी और साथ ही इस क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी साझेदार (पीपीपी) को बढ़ावा भी दिया जाएगा। मालूम हो कि आगरा, वाराणसी, […]
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शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली में प्रॉपर्टी सौदे को नियंत्रित करने के लिए प्रॉपर्टी डीलर और कंसल्टेंसी विधेयक का मसौदा लगभग तैयार कर लिया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बाबत नियमन का दस्तावेज लगभग तैयार है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। हालांकि दिल्ली […]
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उत्तर प्रदेश के कारोबारी बुधवार को राज्य भर में वैट विरोधी प्रदर्शन करेंगे। कारोबारी राज्य में 125 वस्तुओं पर वैट को पूरी तरह से खत्म करने या भी छूट दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कारोबारी अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे और बाद में संबंधित अधिकारियों के जरिए मुख्यमंत्री मायावती को ज्ञापन सौंपे […]
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जालंधर शहर खेल सामान निर्माताओं के गढ़ के रूप में मशहूर है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जालंधर के खेल उद्योग की महत्ता न केवल विदेश में बल्कि अपने देश में भी धूमिल पड़ती जा रही है। हालांकि अब जालंधर अपनी खोई हुई साख को फिर से बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। […]
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लुधियाना, अमृतसर, बद्दी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित समूचे उत्तर भारत में कपड़ा मिलों ने अपने उत्पादन में कम से कम 25 प्रतिशत की कटौती की है। इस कमी की वजह कच्चे माल के तौर इस्तेमाल किए जाने कपास की कीमतों में बढ़ोतरी, केंद्र सरकार द्वारा 2008-09 कपास सत्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में […]
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चीन के सामान का भय अब उत्तर प्रदेश कपड़ा समिति को भी सताने लगा है। कपड़ा मंत्रालय की कपड़ा समिति देश की परंपरागत कला और शिल्प को बचाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। मंत्रालय ने पारंपरिक उत्पादों के लिए बौध्दिक संपदा अधिकार (आईपीआर) संरक्षण को हासिल करने की जुगत में है। वाणिज्य एवं […]
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उत्तर प्रदेश कपड़ा प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाने और प्रशिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रबंधन ने छात्रों की मौजूदा संख्या को बढ़ाकर दोगुना करने का प्रस्ताव भी दिया है। उल्लेखनीय है कि यूपीटीटीआई उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना कपड़ा प्रौद्योगिकी केंद्र है। संस्थान के […]
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