कोई इंजीनियर से महाप्रबंधक (जीएम) बन रहा है तो कोई उपाध्यक्ष। किसी को ओमैक्स कंपनी ने बुलाया तो किसी को सेंचुरी-21 ने तो किसी को डीएलएफ ने। कोई दिल्ली मेट्रो में बड़े ओहदे पर जा रहा है तो कोई वॉल मार्ट जैसी एमनसी कंपनी में। और सब के सब मोटी तनख्वाह पर। यह सब हो […]
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बाढ़ राहत शिविरों में अब स्थिति गंभीर होने लगी है। शहरी इलाकों में फौरी तौर पर चिकित्सक पहुंचने शुरू हो गए हैं। वहीं दूरदराज के इलाकों में बांध, स्कूलों, रेल लाइनों पर अपने संसाधनों और ग्रामीणों के सहयोग से खाना खाकर जीवन बिता रहे लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। मधेपुरा के […]
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बिहार में बाढ़ का पानी कम होने लगा है और अब वहां विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका तीव्र हो चली है। इसी आशंका के मद्देनजर दिल्ली नगर निगम ने चिकित्सीय सुविधा से लैस 100 लोगों के एक दल को बिहार रवाना करने का फैसला किया है। इस दल में 30 डॉक्टर शामिल […]
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बिहार में बाढ़ की वजह से पटना की मंडियों की हालत भी काफी खराब हो गई है। उत्तर-पूर्वी बिहार के कई इलाके प्रलयंकारी बाढ़ की चपेट में है। इन इलाकों से पटना की मंडियों में हर रोज 15 से 20 लाख रुपये की सोयाबीन बड़ी, मिर्च-मसाले, खाद्य तेल, दलहन, पापड़ आदि हर रोज आया करता […]
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हरियाणा विधानसभा ने प्रॉपर्टी डीलर्स और रियल एस्टेट एंजेटों की सुविधाएं लेने वाले लोगों को ठगी से बचाने के लिए ‘प्रॉपटी डीलर्स और कंसल्टेंट्स बिल’ पारित कर दिया है। राज्य की राजस्व मंत्री सावित्री सिंह ने यह बिल 2 सितंबर को विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया था। इस कानून के बनने के बाद कोई भी […]
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नंदीग्राम और सिंगुर शब्द, उन स्थानों पर हुई घटनाओं के कारण भारतीयों की जुबान पर चढ़ गए। परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की सरकारी कोशिशों के कारण ही ये घटनाएं हुई थीं। कोलकाता से 150 किलोमीटर दूर स्थित नंदीग्राम के मामले में राज्य सरकार ने लगभग एक दर्जन गांवों को खाली करवाकर 22,000 एकड़ जमीन […]
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बिहार सरकार ने वर्ष 2007 में आयी बाढ़ को ‘अनप्रिसिडेंट’ यानी कि अभूतपूर्व करार दिया था और इस दौरान किए गए राहत कार्यों के लिए भी सूबे की सरकार ने अपनी पीठ खूब थपथपाई। यहां तक कि सरकारी वेबसाइट पर इस कार्य को खूब बढ़-चढा कर पेश किया गया। लेकिन इस साल गत 22 अगस्त […]
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उड़ीसा में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहण की जा रही भूमि पर हो रहे बवाल, माओवादियों का प्रचंड तांडव और हाल ही में कंधमाल और कोरापुट जिले में हुए सांप्रदायिक दंगों ने सूबे के कई मोर्चों पर जबरदस्त आघात किया है। अब तो यहां के उद्योगपति भी महसूस करने लगे हैं कि अभी से […]
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‘गर बर्रुअत जमीं अस्तु, हमीअस्तु हमीअस्तु हमीअस्तु।’ यानी धरती पर अगर कहीं जन्नत है, तो वह यहीं है, यहीं है, यहीं है। मुगल बादशाह जहांगीर के इन मशहूर अल्फाज को सुनकर ही आज भी दुनिया भर के सैलानी ‘जन्नत’ यानी कश्मीर में खिंचे चले आते हैं। लेकिन अगर यहां के बाशिंदों या कारोबारियों से पूछें, […]
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सन ‘1731 में फारबिसगंज और पूर्णिया के पास बहने वाली कोसी धीरे-धीरे पश्चिम की ओर खिसकते हुए 1892 में मुरलीगंज के पास, 1922 में मधेपुरा के पास, 1936 में सहरसा के पास और 1952 में मधुबनी और दरभंगा जिला की सीमा पर पहुंच गई। इस तरह लगभग सवा दो सौ साल में कोसी 110 किलोमीटर […]
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