facebookmetapixel
Advertisement
उदारीकरण के 35 साल: सुधार के इंतजार में ‘पूरब का शेफील्ड’; क्या डबल इंजन सरकार लौटाएगी औद्योगिक गौरव?वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू सुधारों पर जोर, रणनीतिक बढ़त के लिए तेज नीतिगत फैसलों की जरूरत: वित्त मंत्रालयE20 विवाद के बीच बढ़ी Ethanol-Free Fuel की मांग, प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री दोगुनी से ज्यादा हुईQ1 Results: अदाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा, जानें आयशर मोटर्स, एशियन पेंट्स समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट SML Mahindra ने M&M के ट्रक-बस कारोबार का ₹525 करोड़ में अधिग्रहण मंजूर, CV मार्केट में बढ़ाएगी पकड़L&T का ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में बड़ा दांव, EV टेक्नोलॉजी पर ₹5,000 करोड़ करेगी निवेशसार्वजनिक वितरण प्रणाली को अब खाद्य नहीं, पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ना होगाITR Filing 2026: HRA, होम लोन और 80C-80D डिडक्शन क्लेम में अब देनी होगी ज्यादा जानकारी, जानें नए नियमनीट केवल परीक्षा नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम भी हैEditorial: राज्यों का बढ़ता कर्ज और घाटा अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है चिंता का विषय?

मदद के लिए आगे आया एडीबी

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 9:43 PM IST

बाढ़ की विभीषिका झेल रहे बिहार और उड़ीसा की मदद के लिए अब एशियाई विकास बैंक (एडीबी) आगे आया है।

एडीबी ने आज कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिहार और उड़ीसा को 60. 82 करोड़ डालर का ऋण देगा। एडीबी बिहार को राज्य के राजमार्ग नेटवर्क के उन्नयन और विस्तार के संबंध में 25 साल के लिए 42 करोड़ डालर का ऋण देगा जिसका लक्ष्य है आर्थिक विस्तार और गरीबी उन्मूलन को समर्थन देना। 

कुल 46. 8 करोड़ डालर के निवेश वाले बिहार राज्य राजमार्ग परियोजना के तहत 820 किलोमीटर की सड़क में सुधार लाया जाएगा। सड़क क्षेत्र के संस्थानों में सुधार के लिए 10 लाख डालर की तकनीकी सहायता दी जाएगी। परियोजना के लिए शेष 4. 8 करोड़ डालर केंद्र सरकार देगी।

एडीबी के दक्षिण एशिया विभाग के वरिष्ठ परिवहन विशेषज्ञ हिरोकि यामागुची ने एक बयान में कहा कि अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ अच्छी सड़कों की मांग शुरू हो गई है क्योंकि इससे सामाजिक आर्थिक सेवा तक पहुंच बढ़ेगी, रोजगार के मौके बढ़ेंगे और परिवहन सेवा अच्छी होगी जिससे क्षेत्र में गरीबी घटेगी।

मौजूदा कार्यक्रम के तहत दो सड़क परियोजनाओं की पुनर्रचना का काम हाथ में लिया गया है। फंडिंग एजेंसी उड़ीसा को भी सिंचाई के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन प्रणाली के आधुनिकीकरण में मदद के लिए 18. 82 करोड़ डालर का ऋण देगी।

इस बीच भारतीय स्टेट बैंक के पटना मंडल ने कोशी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 2 करोड़ रुपये दिए हैं।

Advertisement
First Published - September 18, 2008 | 9:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement