facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

50 फीसदी की दर से बढ़ रहा है ब्रांडेड आभूषण उद्योग

Last Updated- December 05, 2022 | 6:57 PM IST

देश के छोटे और मझोले शहरों में भी अब ब्रांडेड आभूषण सिर चढ़ कर बोलने लगे हैं। इन शहरों में संगठित आभूषण बाजार करीब 50 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।


औरा के क्षेत्रीय प्रमुख (उत्तर और पूर्व) एस राजा ने बताया कि 20,000 करोड़ रुपये के इस बाजार में संगठित आभूषण उद्योग की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। औरा भारत में दूसरी सबसे बड़ी हीरों के आभूषण बनाने वाली श्रृंखला है। कंपनी के 23 शहरों में 34 एक्सक्लूसिव स्टोर हैं।


उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान हमने अपने खुदरा बिक्री केन्द्रों की संख्या को बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य तय किया है। उत्तर प्रदेश में भी कंपनी कानपुर और वाराणसी में दो स्टोर खोलेगी। लखनऊ, आगरा और नोएडा में कंपनी के शो रूम पहले ही हैं। राजा ने कहा कि कंपनी सालाना 65 प्रतिशत की दर से विकास कर रही है और भारतीय बाजार को लेकर काफी उत्साहित है।


औरा ने भारतीय बाजार में 2004 में प्रवेश किया था और इस समय संगठित आभूषण के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है। इस खंड में पहले स्थान पर तनिष्क काबिज है। उन्होंने कहा कि हम नवीनतम डिजायन और एक्सक्लूसिव शो रूप पर विशेष तौर से ध्यान दे रहे हैं। इस कारण कंपनी ने कारोबार के विस्तार के लिए फै्रंचाइजी रूट या दुकान दर दुकान उत्पादों को पहुंचाने के ढंग को नहीं अपनाया।

First Published - April 2, 2008 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट