facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

हाजी अली तक पहुंचेगा बांद्रा-वर्ली सी-लिंक

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 12:00 AM IST

महाराष्ट्र सरकार ने बांद्रा-वर्ली सी-लिंक को 3.6 किलोमीटर तक और बढ़ाकर इसे हाजी अली तक करने का फैसला किया है।


राज्य के लोक निर्माण मंत्री और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) के चेयरमैन अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि 5.8 किलोमीटर लंबा बांद्रा-वर्ली सी-लिंक अगले साल जनवरी तक चालू हो जाएगा।

इस प्रोजेक्ट का जायजा लेने पहुंचे पत्रकारों से बातचीत करते हुए देशमुख ने यह जानकारी दी। उनके मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए बोली की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी और इस साल के अंत तक एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

एक्सटेंशन प्रोजेक्ट बनाओ चलाओ और ट्रांसफर करो (बीओओटी) के तहत काम करेगा और इसके लिए बोली में सफल होने वाली कंपनी को एमएसआरडीसी से सी-लिंक प्रोजेक्ट को खरीदना पड़ेगा। बोली में सफल होने वाली कंपनी को अगले 30 साल तक दोनों सी लिंकों पर टोल वसूलने का अधिकार प्राप्त होगा। एमएसआरडीसी द्वारा इस प्रोजेक्ट पर 1,640 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।

मंत्री ने बताया कि इस बाबत करीब 78 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अगर मॉनसून के  दौरान काम थोड़ा धीमा भी होता है, तो भी अगले साल जनवरी तक सी-लिंक को लोगों के लिए खोला जाना मुमकिन हो सकेगा। इसके बन जाने से बांद्रा और वर्ली का सफर तय करने में 60 से 75 मिनट के बजाय महज 7 मिनट लगेंगे। मौजूदा समय में माहिम क्रीम पर बने पुल से रोजाना 1.40 लाख गाड़ियां गुजरती हैं।

फिलहाल मुंबई शहर को उपनगरीय इलाकों से जोड़ने का यह एकमात्र रास्ता है। सी-लिंक का उद्धाटन हो जाने के बाद माहिम क्रीक से 80 फीसदी ट्रैफिक का बोझ कम हो जाएगा। हालांकि गाड़ी मालिकों को 30 साल तक टोल टैक्स का खर्च वहन करना होगा।

गौरतलब है कि बांद्रा-वर्ली सी-लिंक को 2004 में ही चालू हो जाना था, लेकिन पर्यावरण संबंधी चिंताओं और मछुआरा समुदाय की आपित्तयों के मद्देनजर इसमें देरी हो गई। इन आपत्तियों को देखते हुए एमएसआरडीसी ने सुप्रीम कोर्ट ने सी-लिंक प्रोजेक्ट में जरूरी फेरबदल का आश्वासन दिया, जिसके बाद इस पर काम शुरू हो सका।

Advertisement
First Published - May 16, 2008 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement