facebookmetapixel
Advertisement
‘योग बना दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव’, कोलकाता में बोले PM मोदी: उम्र बढ़े पर कम न हो ऊर्जाकिसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे फ्री में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्च

शहरी विकास का मॉडल होगी अयोध्या

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 7:32 AM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शहरों के विकास के लिए अयोध्या को मॉडल के तौर पर अपनाएगी। प्रदेश के 14 बड़े शहरों के विकास के लिए अयोध्या को मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है। इन शहरों के ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाले स्थानों पर खास ध्‍यान केंद्रित करते हुए विकास किया जाएगा।
इन 14 शहरों में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, आगरा, चित्रकूट, मथुरा, नोएडा, बरेली, मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद शामिल हैं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक नोएडा जैसे शहर व्यापार एवं प्रबंधन के लिहाज से बड़ी कंपनियों के पसंदीदा स्थान हैं इसलिए इन शहरों को विकसित करना भी सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार जल्दी ही सभी शहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए काम शुरू करेगी। इन सभी शहरों के लिए एक शहरी विकास योजना तैयार की जा रही है। मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने आवास विभाग के प्रमुख सचिव को यह योजना तैयार करने की जिम्‍मेदारी सौंपी है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लिए चयनित  शहरों में कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थान हैं जिनपर सरकार विशेष रूप से ध्‍यान देने वाली है। योजना के मुताबिक जिन शहरों के लिए योजना तैयार की जानी है, उनकी देश व विदेश में ब्रांडिंग भी की जाएगी। ताकि लोग इन शहरों की खासियतों को जान सकें। सरकार की यह भी योजना है कि इन शहरों का विकास इस तरह से कराया जाए कि देश ही नहीं, बल्कि विदेशी लोगों को भी इन शहरों के प्रति आकर्षित किया जा सके। योजना में ही ब्रांडिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। ब्रांडिंग के दौरान इन शहरों से संबंधित एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इन शहरों के धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का काम कराया जाएगा, साथ ही यहां के विकास से पर्यटन की संभावनाओं को भी विकसित किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने राम मंदिर के शिलान्यास के साथ ही अयोध्या में तेजी के साथ विकास की परियोजनाओं की शुरुआत की है। इनमें अंतरर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, यात्री सुविधाएं, सार्वजिनक प्रसाधन, धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ उच्च स्तरीय होटलों, गेस्ट हाउसों के निर्माण शामिल हैं। इन प्रयासों के बाद अयोध्या में बीते छह महीनों में ही पर्यटकों की तादाद खासी बढ़ी है। अब इसी मॉडल पर प्रदेश के प्रमुख शहरों की विकास किया जाएगा।

नोएडा को परिधान निर्यात उत्कृष्टता केंद्र की मान्यता
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के नोएडा को परिधान उत्पादों के लिए ‘निर्यात उत्कृष्टता केंद्र’ की मान्यता दी है। सरकार के इस कदम से निर्यात कारोबार को और बढ़ावा मिलेगा। नोएडा को निर्यात उत्कृष्टता शहर की पहचान दिए जाने से इस क्षेत्र के साझा सेवा प्रदाता निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत सामान (ईपीसीजी) योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे क्षेत्र के मौजूदा 700 परिधान उद्योगों को आधुनिक प्रौद्योगिकी और सेवाओं का लाभ मिलेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा है, ‘उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर को परिधान उत्पादों के लिये उत्कृष्ठ निर्यात शहर के तौर पर अधिसूचित किया गया है।’ परिधान निर्यात संवधन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि सरकार के इस कदम से क्षेत्र में निर्यातकों के साझा उपयोग के लिए आधुनिक सुविधाओं को स्थापित करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। भाषा

Advertisement
First Published - March 2, 2021 | 11:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement