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Pre IPO Placement में लौटा दम, 2025 में पिछले साल की तुलना में दोगुनी से ज्यादा रकम जुटाई

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2025 में 11 कंपनियों ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिये करीब 916 करोड़ रुपये जुटाए जबकि 2024 में आठ कंपनियों ने करीब 387 करोड़ रुपये जुटाए थे

Last Updated- January 11, 2026 | 9:44 PM IST
IPO
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

प्री-आईपीओ के जरिये रकम जुटाने की प्रक्रिया 2025 में पिछले साल की तुलना में दोगुनी से ज्यादा हो गई, लेकिन 2023 में दर्ज उच्चतम स्तर से नीचे रही। पिछले दो सालों में ऐसे सौदों की संख्या और कीमत दोनों में गिरावट का कारण प्री-आईपीओ और आईपीओ मूल्य निर्धारण के बीच कम होता अंतर है।

2025 में 11 कंपनियों ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिये करीब 916 करोड़ रुपये जुटाए जबकि 2024 में आठ कंपनियों ने करीब 387 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसकी तुलना में 2023 में 13 कंपनियों ने प्री-आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 1,074 करोड़ रुपये जुटाए थे।

इक्विरस के प्रबंध निदेशक और निवेश बैंकिंग प्रमुख भावेश ए शाह ने कहा, आईपीओ से पहले उच्च श्रेणी के निवेशकों को जोड़ने के लिए रणनीति के तहत प्री-आईपीओ किए जाते हैं, ये आईपीओ कीमत पर या छूट पर होते हैं। 2025 में बड़ी संख्या में आईपीओ 500 करोड़ रुपये से कम के थे। अगर ऐसे इश्यू के लिए प्री-आईपीओ किया जाता तो आईपीओ का आकार और भी छोटा हो जाता, जिससे बड़े निवेशकों को आकर्षित करना कठिन हो जाता है। 

2025 में एक तिहाई से अधिक आईपीओ का आकार लगभग 500 करोड़ रुपये से कम था। बैंकरों का कहना है कि आईपीओ पेशकश की तेज गति और मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की बढ़ती संवेदनशीलता के कारण जारीकर्ता आईपीओ से पहले के प्लेसमेंट को छोड़कर आईपीओ चरण में बेहतर मूल्य निर्धारण को प्राथमिकता दे रहे हैं। जब मांग मजबूत होती है तो कंपनियां आईपीओ से पहले शेयरों की संख्या में कमी से बचने की कोशिश करती हैं और लिस्टिंग के बाद ब्लॉक डील का विकल्प चुनती हैं।

पैंटोमैथ कैपिटल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक महावीर लुणावत ने कहा, जैसे-जैसे पूंजी बाजार बढ़ रहा है, प्री आईपीओ सौदों में पहले जो कीमत लाभ मौजूद था, वह घटता जा रहा है, जिससे निवेशकों के लिए ऐसे अवसर कम आकर्षक होते जा रहे हैं। कुछ मामलों में आईपीओ की कीमत अधिक रूढ़िवादी रही है, यहां तक ​​कि आईपीओ से पहले के लेनदेन के स्तर से भी नीचे। इस कारण निवेशक जोखिम-लाभ के समीकरणों का फिर से मूल्यांकन करते हैं। 

साल 2025 में हुए 11 प्री आईपीओ प्लेसमेंट में सात आईपीओ कीमत पर हुए जबकि दो छूट पर और दो प्रीमियम पर किए गए।

पटेल रिटेल का आईपीओ मूल्य प्री आईपीओ कीमत से 15 फीसदी कम था। सोलरवर्ल्ड एनर्जी सॉल्यूशंस का आईपीओ भी प्री आईपीओ कीमत से छूट पर आया था, हालांकि यह अंतर सिर्फ 1 रुपया था। इसके विपरीत, ऑल टाइम प्लास्टिक्स और स्कोडा ट्यूब्स प्री आईपीओ मूल्य से अधिक पर सूचीबद्ध हुईं।  प्री-आईपीओ प्लेसमेंट आमतौर पर पेशकश दस्तावेज दाखिल करने के बाद किया जाता है। 

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First Published - January 11, 2026 | 9:44 PM IST

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